Abdul Razzaq had sensed MS Dhoni would be a big player when he scored 148 vs Pakistan in 2005
MS Dhoni (File Photo) © AFP

महेंद्र सिंह धोनी इस वक्‍त भारतीय टीम के कप्‍तान नहीं हैं, लेकिन अब भी फैन्‍स उन्‍हें कैप्‍टन कूल के नाम से जानते हैं। बेहद कठिन परिस्थितियों में भी वो मैदान पर धैर्य बनाए रखते हैं। धोनी की कप्‍तानी में ही भारत ने साल 2011 में विश्‍व कप जीता था। इससे पहले साल 2007 में टी-20 विश्‍व कप भी धोनी की कप्‍तानी में ही भारत आया था।

मुंबई मिरर से बातचीत के दौरान पाकिस्‍तान के पूर्व ऑलराउंडर अब्‍दुल रज्‍जाक ने साल 2005 में मैदान पर धोनी से मुलाकात के पलों को साझा किया। उन्‍होंने कहा, “अप्रैल 2005 में पाकिस्‍तान की टीम भारत के दौरे पर थी। विशाखापत्‍तनम वनडे के दौरान सचिन के महज 2 रन पर आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर बल्‍लेबाजी करने के लिए महेंद्र सिंह धोनी आया।”

इस मैच में धोनी ने 15 चौकों और चार छक्‍कों की मदद से 123 गेंद पर 148 रन की पारी खेली। भारत ने 50 ओवरों में 356/9 रन बनाए। पाकिस्‍तान की टीम 298 पर ऑलआउट हो गई थी। ये धोनी के करियर का पहला शतक था। रज्‍जाक ने बताया, “इस मैच से पहले पाकिस्‍तानी खेमे में किसी को भी नहीं पता था कि ये धोनी कौन है, लेकिन मैच खत्‍म होने के बाद मुझे पता चल गया कि भारत को एक स्‍पेशल खिलाड़ी मिल गया है। हमें जवाब मिल गया। मैंने उसका आत्‍मविश्‍वास देखा। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में उसके अटैकिंग स्‍टाइल से मुझे पता चल गया कि ये एक बड़ा खिलाड़ी बनेगा।”

अब्‍दुल रज्‍जाक ने कहा, “पाकिस्‍तान के खिलाफ इतनी बड़ी पारी खेलने से वो फैन्‍स की नजर में पापुलर हो गया। भारत के खिलाफ पड़ी पारी खेलने पर हमारे यहां पाकिस्‍तान में भी खिलाड़ी रातों रात फेमस हो जाता है।” अब्‍दुल रज्‍जाक ने अपने अंतरराष्‍ट्रीय करियर में 46 टेस्‍ट 265 वनडे और 32 टी-20 मुकाबले खेले। रज्‍जाक ने कहा, “धोनी जितना बड़ा खिलाड़ी है वो उतना ही अच्‍छा इंसान भी है।”