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भारत क्रिकेट का सबसे बड़ा पावरहाउस बनने को तैयार है। टीम इंडिया ने पिछले कुछ सालों में प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की फौज खड़ी करने में जो सफलता प्राप्त की है वो दुनिया की अन्य कोई टीम नहीं कर पाई। अब इस लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में 22 साल के अभिजीत गर्ग ने तिहरा शतक जड़ दिया। उन्होंने ये कारनामा पंजाब की ओर से खेलते हुए दिल्ली के खिलाफ मुकम्मल किया। अभिजीत 568 गेंदों में 310 रन बनाकर आउट हुए। वैसे तिहरा शतक लगाना भारतीय बल्लेबाजों केलिए कोई बड़ी बात नहीं हैं बल्कि पिछले 10 सालों में भारतीय फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तिहरे शतकों की बाढ़ सी आ गई है।

2007 से लेकर आजतक भारतीय फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 28 तिहरे शतक लग चुके हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 2006 से पहले पिछले 100 सालों में भारतीय घरेलू क्रिकेट में सिर्फ 22 तिहरे शतक ही लगे थे। पिछले 10 सालों की बात करें तो रवींद्र जडेजा, चेतेश्वर पुजारा 3-3 तिहरे शतक जड़ चुके हैं। करुण नायर ने दो तिहरे शतक जमाए हैं। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन में भी हिमाचल के बल्लेबाज प्रशांत चोपड़ा और आंध्रप्रदेश के कप्तान हनुमा विहारी ने भी तिहरा शतक जड़ दिया है।

कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में अभिजीत ने जहां तिहरा शतक लगााया, वहीं एक अन्य खिलाड़ी सनवीर सिंह ने दोहरा शतक जमाया। इस तरह से मैच के तीसरे दिन पंजाब ने दिल्ली के पहली पारी में 130 के जवाब में 723/5 का स्कोर बना लिया है। तीसरे दिन 411/1 के स्कोर से आगे खेलने उतरी पंजाब टीम की ओर से गर्ग और सनवीर ने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया और दिल्ली के गेंदबाजों को अपने बेहतरीन स्ट्रोक्स के आगे परेशान कर दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 492 रन जोड़े। आखिरकार ने शिवांक वशिष्ठ ने सनवीर को आउट कर दिया। सनवीर ने 426 गेंदों में 231 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 26 चौके लगाए।

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इसके बाद अभिजीत ने अपना तिहरा शतक पूरा किया। और तीसरे विकेट के लिए हिमांशु शर्मा के साथ 41 रन जोड़े। आखिरकार कुलदीप यादव ने उन्हें आउट कर दिया और वह 568 गेंदों में 310 रन बनाकर आउट हो गए। गर्ग के आउट होने के बाद मेजबान टीम ने निखिल चौधरी और रमनदीप सिंह के रूप में जल्दी-जल्दी विकेट गंवा दिए। दिल्ली के लिए वशिष्ठ ने 211 रन देकर विकेट और यादव ने 134 रन देकर 1 विकेट झटका।