Champions Trophy से पहले भारत का स्टार खिलाड़ी चोटिल, कई मैचों से हुआ बाहर

भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ी चोटिल हो गया है. खिलाड़ी चोट की वजह से कुछ मैचों में नहीं खेल पाएगा.

Edited By : Saurav Kumar |Jan 19, 2025, 07:39 PM IST

Published On Jan 19, 2025, 07:39 PM IST

Last UpdatedJan 19, 2025, 07:39 PM IST

Rohit sharma

Indian team

Abhimanyu Easwaran Injured: सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन अपने दाहिने हाथ की बीच वाली उंगली में फ्रैक्चर के कारण बंगाल के आगामी रणजी ट्रॉफी मैचों से बाहर रहेंगे. ईश्वरन ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज़ के दौरान भारतीय टीम के सदस्य थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. भारत यह सीरीज 1-3 से हारा.

रविवार को सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि ईश्वरन को सीएबी लीग में एक क्लब मैच खेलते समय फ्रैक्चर हुआ और उसे ठीक होने में कम से कम तीन सप्ताह का समय लगेगा.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

अगले कुछ मैच नहीं खेल पाएंगे ईश्वरन

29 वर्षीय ईश्वरन ने 101 प्रथम श्रेणी मैचों में 48.87 की औसत से 7674 रन बनाए हैं, जिसमें 27 शतक और 29 अर्धशतक शामिल हैं और उनका उच्चतम स्कोर 233 रहा है. वह भारत ए टीम के नियमित सदस्य रहे हैं और कुछ मैचों में उनकी कप्तानी भी की है.

सिडनी में पांचवां टेस्ट जल्दी खत्म होने के बाद, ईश्वरन जल्दी से वडोदरा चले गए और विजय हजारे ट्रॉफी के बंगाल के प्री-क्वार्टर फ़ाइनल मैच में शामिल हुए, जहां उन्होंने 10 रन बनाए और हरियाणा ने 72 रनों से जीत दर्ज की.

उनकी अनुपस्थिति ने रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप सी के घरेलू मैचों में हरियाणा और पंजाब की मेज़बानी करने से पहले, बल्लेबाजी क्रम में बंगाल के लिए एक बड़ा खालीपन छोड़ दिया है.

पंत, गिल, रोहित सब दिखाएंगे रणजी में जलवा

अंक तालिका में, बंगाल पांच मैचों में 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जो शीर्ष पर काबिज हरियाणा (20 अंक) और केरल (18 अंक) से पीछे है. रणजी ट्रॉफी के आगामी दौर में रवींद्र जडेजा (सौराष्ट्र), ऋषभ पंत (दिल्ली), शुभमन गिल (पंजाब), रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल (दोनों मुंबई) जैसे खिलाड़ी अपनी-अपनी राज्य टीमों के लिए खेलते नज़र आएंगे, जबकि केएल राहुल और विराट कोहली विभिन्न चोटों के कारण बाहर हैं.

बीसीसीआई द्वारा घरेलू क्रिकेट में भागीदारी को अनिवार्य बनाने के लिए 10 सूत्रीय नीति दस्तावेज पेश किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है. इसमें कहा गया है कि इसका पालन न करने पर अंतरराष्ट्रीय चयन और केंद्रीय अनुबंध नवीनीकरण पर असर पड़ सकता है.

Editor's Pick