अभिनव मुकुंद © AFP
अभिनव मुकुंद © AFP

गॉल टेस्ट में 81 रनों की पारी खेलने के बाद अभिनव मुकुंद श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में केएल राहुल के फिट हो जाने के चलते नहीं खेले थे और उसके बाद उन्हें सीरीज में फिर कोई मौका नहीं मिला। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में मुकुंद ने अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “बाहर हो जाना निराशाजनक था। लेकिन मौजूदा समय में टीम इंडिया ऐसी है कि आपको नियमित खिलाड़ियों को जगह देनी पड़ती है। कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो 300 रन (करुण नायर) बनाने के बावजूद बैठे हैं। ऐसी ही टीम है इसलिए हम नंबर 1 हैं। मैं इसलिए समझ सकता हूं। कोहली और शास्त्री को मेरी प्रतिबद्धता पसंद है और वे मेरे मैदान पर किए जाने वाले प्रयास से खुश थे। मुझे पता है कि मुझे जल्दी मौका मिलेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन बनाने का मेरे अंदर हमेशा से विश्वास था। जो मुझे करने को दिया था उसपर मैंने अपना ध्यान केंद्रित किया हुआ था। मैं दूसरी पारी में मौके का फायदा उठाते हुए रन बनाना चाहता था। शतक न लगा पाने से मैं निराश था लेकिन शीर्ष स्तर पर बल्लेबाजी करते हुए मैदान पर वक्त बिताने से अच्छा लगा।”

अभिनव मुकुंद जो चेन्नई के हैं उन्होंने पिछले दिनों अपने शारिरिक रंग को लेकर उठने वाले सवालों पर ट्विटर पर जाकर कटाक्ष किया था। उनकी इस निर्भीकता को बाद में विराट कोहली, आर. अश्विन, हार्दिक पांड्या और मनोज तिवारी ने सराहा था। वैसे इसने इस बात की ओर इशारा जरूर कर दिया कि भारत में काले और गोरे का रंगभेद खूब है। उन्हें अपनी बात बेबाकी से रखने के लिए लोगों और मीडिया ने खूब सराहा था। वह पिछले दिनों इस भावुक ट्वीट को लेकर ही नहीं बल्कि गॉल टेस्ट में श्रीलंका के विरुद्ध 81 रनों की पारी को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे।  एम एस धोनी ने खेला ऐसा शॉट, वीडियो कैमरा करना पड़ा पैक!

मुकुंद ने यह भी बताया कि ट्विटर पर उन्होंने इमोशनल मैसेज क्यों डाला था। उन्होंने कहा, “मुझे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ कॉमेंट्स लंबे समय से किए जा रहे थे। मैं समझता हूं कि चेन्नई और दक्षिण भारत के लोगों का स्किन रंग काला होता है। मुझे समझ नहीं आता कि ट्रॉलिंग को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जाता। चेन्नई के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने भी मुझे कॉल किया और बताया कि उन्होंने भी ऐसे कॉमेंट्स का सामना किया है और उन्होंने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की तो उन्हें खुशी हुई। मैं बयान देना चाहता था ताकि लोग इसे गंभीरता से लें। मुझे लगता है कि उन्होंने अब इसे गंभीरता से लिया है।” मुंकुंद ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 26 शतक और 31 अर्धशतक लगाए हैं।