Absence Of Steven Smith And David Warner Is A Massive Loss For Young Batsmen says Josh Hazlewood

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जोस हेजलवुड ने पूर्व कप्तान स्टीवन स्मिथ और उप कप्तान डेविड वार्नर पर प्रतिबंध को टीम के युवाओं के लिए नुकसानदायक बताया। बॉल टैंपरिंग में दोषी पाए जाने के बाद दोनों ही खिलाड़ियों पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक-एक साल का प्रतिबंध लगाया था।

हेजलवुड का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम में स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के ना होने से टीम के युवाओं को अनुभवी खिलाड़ियों का साथ नहीं मिल पाया है।

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मैदान पर वार्नर और स्मिथ जैसे बल्लेबाज के साथ खेलने से युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। इन दोनों की टीम में वापसी से युवा क्रिकेटर्स और भी बेहतर तरीके से टीम में योगदान दे पाएंगे।

क्रिकइंफो से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”जब भी स्मिथ बल्लेबाजी के लिए उतरते थे तो लगभग हर मैच में शतक बनाते ही थे। शायद यह पहला मौका ही है जब आपके पास ट्रेनिंग और मैच के दौरान टॉप छह बल्लेबाज में सीनियर खिलाड़ी नहीं। लिहाजा नए खिलाड़ियों को हर एक चीज कोच से ही सीखना पड़ रहा है।”

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आगे उन्होंने कहा, ”टीम में उन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का होना जरूरी है जब आप युवाओ को टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी के लिए भेजते हैं। आप बतौर कोच काफी कुछ नहीं सिखा सकते हैं, मैदान में सीनियर के साथ बल्लेबाजी करते हुए आपको सीखना होता है। इसलिए मुझे लगता है इन दोनों की वापसी से युवाओं को काफी सीखने मिलेगा।”

गौरतलब है दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट के दौरान बॉल टैंपरिंग के दोषी पाए गए स्मिथ और वार्नर का प्रतिबंध 29 मार्च को खत्म हो रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं प्रतिबंध खत्म होने के तुरंत बाद ही उनको टीम में वापस ले लिया जाएगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जानकारी दी थी कि 29 मार्च को प्रतिबंध खत्म होने के बाद दोनों ही खिलाड़ी टीम चयन के लिए उपलब्ध होंगे।