'हर मैच के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम चुने और जीतने पर ध्यान लगाए ऑस्ट्रेलिया'

पूर्व ऑस्ट्रेलयाई क्रिकेटर एडम गिलक्रिस्ट में मुश्किल दौर से गुजर रही ऑस्ट्रेलिया टीम को सलाह दी।

Edited By : Cricket Country Staff |Dec 31, 2018, 10:17 AM IST

Published On Dec 31, 2018, 10:17 AM IST

Last UpdatedDec 31, 2018, 10:17 AM IST

Adam Gilchrist (Getty images)

भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही ऑस्ट्रेलिया टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा है। सीरीज बचाने के लिए मेजबान टीम को हर हाल में सिडनी में खेला जाना वाला चौथा टेस्ट मैच जीतना होगा। वहीं भारत के साथ सीरीज खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलिया को श्रीलंका की मेजबानी भी करनी है।

श्रीलंका को कमजोर टीम समझकर ऑस्ट्रेलिया उसके खिलाफ सीरीज में टीम में कई प्रयोग करना चाहेगी लेकिन पूर्व दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने इसके विपरीत सलाह दी है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को दिए बयान में महान विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, “मैं अलग टेस्ट मैच जीतना चाहूंगा और उसी पर ध्यान लगाना चाहूंगा।”

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गिलक्रिस्ट ने आगे कहा, “खेल के भविष्य को लेकर हमेशा ही एक अति-उत्साही नजरिया रहेगा। मुझे लगता है कि पिछले 5-6 सालों में बेहद शानदार प्रदर्शन के चारों ओर एक क्षेत्र बन गया है, कि केवल बड़ी सीरीज पर ही ध्यान लगाएं, छोटी सीरीज पर नहीं। इस तरीके से आप टेस्ट क्रिकेट में हर दिन खेलने के खिलाड़ियों के असली विकास पर से अपनी नजर हटा लेते हैं। आराम कराना, रोटेशन और जो भी आप इसी कहें, बस केवल हर मैच के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम चुनें।”

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गिलक्रिस्ट ने समझाया कि भारत के खिलाफ जीतना जितना अहम है, श्रीलंका को हराना भी उतना ही अहम है। पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “आपको श्रीलंका को हराना ही होगा। आप उपमहाद्वीप की टीमों से घर पर हारकर एशेज खेलने इंग्लैंड नहीं जा सकते। आपको इन सब बातों को ध्यान में रखना होगा।”

खिलाड़ियों पर निजी हमला ना करें

मेलबर्न टेस्ट के लिए पीटर हैंड्सकॉम्ब की जगह मिशेल मार्श को टीम में शामिल करने का ऑस्ट्रेलिया का फैसला फ्लॉप रहा। हालांकि गिलक्रिस्ट ने मार्श का बचाव किया। मार्श को मेलबर्न स्टेडियम पर ऑस्ट्रेलिया दर्शकों से ही हूटिंग का सामना करना पड़ा था।

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उन्होंने कहा, “उसके खिलाफ हो रही आलोचना का एक बड़ा हिस्सा उसके क्रिकेटर होने से जुड़ा नहीं बल्कि बतौर व्यक्ति उसके खिलाफ निजी हमला है। ये उसकी गलती नहीं है कि उसे टीम में चुना गया। ये चयनकर्ताओं का फैसला है। चाहें तो इसका मजाक उड़ाएं। इससे जुड़े शख्स को जब टीम से बाहर किया जाता है तो वो कड़ी मेहनत कर वापसी की हरसंभव कोशिश करता है। उसने बोर्ड ने रन नहीं लगाए हैं, इसका मतलब है कि वो आलोचना से भाग नहीं सकता लेकिन इसे निजी हमला ना बनाएं।”

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