ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल सीमित ओवर फॉर्मेट गेंदबाज एडम जम्पा (Adam Zampa) को उम्मीद है कि वो अगले साल उपमहाद्वीप के दौरों पर होने वाली टेस्ट सीरीज के दौरान स्क्वाड का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि जम्पा लाल गेंद के अहम टूर्नामेंट शेफील्ड शील्ड में नहीं खेलते हैं, उनका मानना है कि इससे टेस्ट टीम में जगह बनाने के उनके सपने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

29 साल के जम्पा ने अपने करियर के दौरान पिछले चार सीजन में अपनी घरेलू टीम न्यू साउथ वेल्स के लिए अब तक केवल सात प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं।

ज़म्पा ने कहा, “मैं निश्चित रूप से अभी भी (टेस्ट और प्रथम श्रेणी मैच खेलने) की महत्वाकांक्षा रखता हूं।”

उन्होंने कहा, “मैं कोई भी क्रिकेट मैच खेलूंगा जो उपलब्ध होगा। हालांकि पिछले कुछ सालों में सीमित ओवर फॉर्मेट क्रिकेट मेरे करियर की हाईलाइट रहा है, चूंकि हमने इतने सारे दौरों पर सीमित ओवर फॉर्मेट मैच खेले हैं और लाल गेंद का क्रिकेट नहीं खेल पाए हैं। मैं जब भी उपलब्ध रहा हूं, मैंने खेलने की कोशिश की।”

अगले साल पाकिस्तान, श्रीलंका और भारत के खिलाफ होने वाली सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के पास विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक हासिल करने का मौका है। ज़म्पा चयनकर्ताओं को ये बताने के लिए उत्सुक है कि वो इन दौरों के लिए उपलब्ध है, भले ही वो शेफील्ड शील्ड मैचों का हिस्सा ना हों।

ऑस्ट्रेलिया टीम ने पिछले एक दशक में एशिया में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। उपमहाद्वीप में खेले पिछले 26 टेस्ट मैचों में कंगारू टीम ने केवल तीन बार जीत हासिल की है।