- क्रिकेट न्यूज़
- News
- Afghanistan Crisis: ACB believes under Taliban regime Cricket will not affect in Country
Afghanistan Crisis: एसीबी ने जारी किया बयान, तालिबान के राज में भी नहीं रुकेगा क्रिकेट, बताई वजह
Afghanistan Crisis:रविवार को पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है।
Published On Aug 16, 2021, 07:20 PM IST
Last UpdatedAug 16, 2021, 07:20 PM IST
Afghanistan Cricket Board @ Twitter
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के सीईओ हामिद शिनवारी ने देश में आमूलचूल राजनीतिक बदलाव के बाद कहा कि क्रिकेट को नुकसान नहीं होगा क्योंकि तालिबान इस खेल को ‘पसंद’ करता है और इसका समर्थन करता है।
शिनवारी ने काबुल से पीटीआई से बात करते हुए आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय टीम के सदस्य और उनके परिवार सुरक्षित हैं। तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है।
IPL 2021: Shubman Gill पूरी तरह फिट, जल्द UAE रवाना होंगे
राशिद खान, मोहम्मद नबी और मुजीब जादरान जैसे स्टार खिलाड़ी फिलहाल ‘हंड्रेड’ टूर्नामेंट में ब्रिटेन में खेल रहे हैं।
शिनवारी ने कहा, ‘‘तालिबान क्रिकेट को प्यार करता है। शुरुआत से ही उन्होंने हमारा समर्थन किया है। वे हमारी गतिविधियों में हस्तक्षेप नहीं करते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई हस्तक्षेप नजर नहीं आता और समर्थन की उम्मीद है जिससे कि हमारा क्रिकेट आगे बढ़ सके। हमारे अध्यक्ष सक्रिय हैं और अगले नोटिस तक मैं सीईओ रहूंगा।’’
Afghanistan Crisis: काबुल में ही फंस गया है राशिद खान का परिवार, केविन पीटरसन ने बताई उनकी मन की व्यथा
अफगानिस्तान में 1996 से 2001 के दौरान तालिबान के शासन के समय क्रिकेट ने अपने पैर पसारे जब अफगानिस्तान के शरणार्थी पड़ोसी पाकिस्तान में इस खेल से जुड़े।
शिनवारी ने कहा, ‘‘यह कहा जा सकता है कि तालिबान के युग में क्रिकेट का प्रसार हुआ। यह भी तथ्य है कि हमारे कई खिलाड़ी पेशावर में अभ्यास करते थे और उन्होंने इस खेल को अफगानिस्तान में मुख्यधारा से जोड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अच्छी चीज यह है कि हम सामान्य हालात की ओर बढ़ रहे हैं। लोगों ने काम शुरू कर दिया है। हम कल से अपने कार्यालय में काम बहाल करेंगे और श्रीलंका में पाकिस्तान के खिलाफ श्रृंखला से पहले राष्ट्रीय शिविर दो दिन के ब्रेक के बाद बहाल होगा।’’
खिलाड़ियों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा, ‘‘विदेशों में खेल रहे चार या पांच खिलाड़ियों के अलावा बाकी सभी काबुल में हैं। जैसा कि मैंने कहा कि वे सुरक्षित हैं।’’