विराट कोहली- अंपायर रुचिरिया पल्लियांगुरुगे  © Getty Images
विराट कोहली- अंपायर रुचिरिया पल्लियांगुरुगे © Getty Images

भारत बनाम श्रीलंका टी20 मैच के दौरान विराट कोहली के शॉट पर अंपायर रुचिरिया पल्लियांगुरुगे घायल होने से बाल बाल बचे थे। कोहली ने मैच के दौरान सामने की तरफ तेज शॉट लगाया था और गेंद अंपायर के बेहद करीब से निकल गई थी। अगर रुचिरिया पल्लियांगुरुगे समय पर नीचे नहीं हटते तो उनके सिर पर गहरी चोट लग सकती थी। पाकऑबसर्वर ने पल्लियांगुरुगे के हवाले से लिखा , “वह बिजली की तरह तेज था। मैने अपने हाथों को जोड़कर गेंद रोकने की कोशिश की। मैं ये कर सकता था।”

कई अंपायर हैं जो इस तरह के हादसों से बचने के लिए मैदान पर प्रोटेक्शन गियर के साथ उतरते हैं। ऑस्ट्रेलियन अंपायर ब्रूस ऑक्सनफोर्ड सुरक्षा के लिए ऑर्म प्रोटेक्टर लेकर अंपायरिंग करने आते हैं लेकिन पल्लियांगुरुगे ने इससे साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वह अब भी हेलमेट पहनकर अंपायरिंग नहीं करेंगे। पल्लियांगुरुगे ने कहा, “दूसरे अंपायरों को हेलमेट के इस्तेमाल पर अपने विचार रखने दें। मैं निश्चित रूप से हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करूंगा। मैं खतरे से बचने के लिए काफी फिट हूं। मैं अपने काम में फिट होने के लिए रोजाना कड़ी मेहनत करता हूं। मैं हफ्ते में चार-पांच बार जिम जाता हूं। मेरा क्रिकेट करियर गेंद को रोकने में मेरी मदद करता है। अगर गेंद मेरे शरीर से टकरा जाती तो मुझे कुछ नहीं होता लेकिन अगर मुझसे टकराने के बाद गेंद को कोई फील्डर कैच कर लेता तो कोहली आउट जरूर हो जाता।” [ये भी पढ़ें: मेट्रो रेल-रामलीला की वजह से खराब हो रही है आजाद मैदान की पिच, आखिर कहां जाएं क्रिकेटर?]

पल्लियांगुरुगे को साल 2015 में आईसीसी अंपायर ऑफ द ईयर का अवार्ड मिला था। हालांकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला था लेकिन प्रथम श्रेणी में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था। पल्लियांगुरुगे ने 146 मैचों में 4,478 रन बनाने के साथ 220 विकेट भी लिए थे।