• Home
  • News
  • After ollie robinson another english cricketer investigated for offessive tweets 4723533

पुराने नस्लीय ट्वीट के मामले में फंस सकता है इंग्लैंड का एक और खिलाड़ी, जांच शुरू

विजडन क्रिकेट ने अपनी वेबसाइट पर एक और इंग्लिश क्रिकेटर के कुछ पुराने ट्वीट पोस्ट किए हैं, जो नस्लीय भेदभाव के भरे हैं.

Edited By : India.com Staff |Jun 08, 2021, 11:14 AM IST

Published On Jun 08, 2021, 11:14 AM IST

Last UpdatedJun 08, 2021, 11:14 AM IST

इंग्लिश क्रिकेट में अभी ऑली रॉबिन्सन (Ollie Robinson) का मामला थमा भी नहीं था कि पुराने नस्लीय ट्वीट की यह आग एक और खिलाड़ी पर पड़ती दिख रही है. इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने इसकी जांच शुरू कर दी है. रविवार को उसने करीब 8 से 9 साल पुराने ट्वीट के चलते हाल ही अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले रॉबिन्सन को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है.

रॉबिन्सन के बाद नस्लीय ट्वीट का जो दूसरा मामला सामने आया है, उसे विजडन.कॉम ने उजागर किया है. इसमें क्रिकेटर की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है. क्योंकि उस समय वह 16 साल की उम्र का भी नहीं था. विजडन क्रिकेट वेबसाइट ने खिलाड़ी की पहचान उजागर किए बिना उन ट्वीट के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए हैं, जिनमें नस्ली टिप्पणियां की गई हैं. ईसीबी अब इस मामले की जांच कर रहा है.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

वेबसाइट के अनुसार इसीबी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमारे संज्ञान में लाया गया है कि इंग्लैंड के एक खिलाड़ी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी. हम इस मामले की जांच कर रहे हैं और सही समय पर टिप्पणी करेंगे.’

इन आ​पत्तिजनक पोस्ट का खुलासा रॉबिन्सन को निलंबित किए जाने के कुछ घंटों बाद किया गया. रॉबिन्सन ने 2012 और 2013 में नस्लभेदी ट्वीट किए थे जिनकी जांच चल रही है. हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले का उसके देश में ही कड़ा विरोध हो रहा है.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत कई हस्तियां यह मानती हैं कि रॉबिनन्सन ने आपत्तिजनक ट्वीट किए थे वह अस्वीकार्य हैं. लेकिन यह इतने पुराने हैं कि वह तब एक किशोर उम्र के लड़के थे, जो अब परिपक्व आदमी बन चुका है और रॉबिन्सन ने भी अपने इस कृत्य पर माफी मांग ली है. ऐसे में उन्हें क्रिकेट से निलंबित किया जाना गलत है. ईसीबी को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.

(इनपुट: एजेंसी)

Editor's Pick