"तुम्हारी वजह से मिली पहचान", अजिंक्य रहाणे के नाम माता-पिता की भावुक चिट्ठी

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अजिंक्य रहाणे के माता-पिता का भावुक पत्र सामने आया है। इसमें उन्होंने बेटे के संघर्ष, सादगी और शानदार क्रिकेट सफर को याद करते हुए उस पर गर्व जताया है

Edited By : Sameer Tiwari |Jul 31, 2026, 11:03 PM IST

Published On Jul 31, 2026, 11:03 PM IST

Last UpdatedJul 31, 2026, 11:03 PM IST

टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने एक दिन पहले क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया था. 38 साल के रहाणे के संन्यास के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली सहित कई क्रिकेटर्स ने उन्हें शुभकामनाएं दी है. क्रिकेट फैंस भी संन्यास के बाद उनकी इनिंग को याद कर रहे हैं. इस बीच रहाणे के माता पिता ने एक चिट्ठी लिखी है, जिसने फैंस को इमोशनल कर दिया है.

30 जून 2026 की तारीख वाले इस मराठी पत्र में उन्होंने डोंबिवली के छोटे से रेलवे मैदान से शुरू हुए रहाणे के करीब 30 साल लंबे क्रिकेट सफर को याद करते हुए उनके संघर्ष, मेहनत और संस्कारों की सराहना की है

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पुराने दिनों को किया याद

पत्र में माता-पिता ने लिखा कि रहाणे के संन्यास की खबर सुनते ही उनकी आंखों के सामने पूरे तीन दशक का सफर घूम गया. उन्होंने 1996-97 के उन दिनों को याद किया, जब अजिंक्य ने डोंबिवली के रेलवे मैदान से क्रिकेट की शुरुआत की थी। सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद रहाणे ने कभी हार नहीं मानी। हर मुश्किल से सीखते हुए उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई, देश का गौरव बढ़ाया और आगे चलकर टीम इंडिया की कप्तानी भी संभाली

करियर ही सबसे बड़ी ट्रॉफी

अपने बेटे के व्यक्तित्व पर गर्व जताते हुए माता-पिता ने लिखा कि उनके लिए रहाणे की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ रन या रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनकी सादगी, विनम्रता, ईमानदारी और निष्कलंक क्रिकेट करियर है. उन्होंने लिखा, “दुनिया ने भले ही तुम्हारी उतनी तारीफ न की हो, लेकिन हमारे लिए तुम हमेशा असली हीरो रहोगे.” साथ ही उन्होंने रहाणे को अपने कोचों, साथियों और शुभचिंतकों के योगदान को हमेशा याद रखने की सीख भी दी.

पत्र के अंत में माता-पिता ने रहाणे की जिंदगी की नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि अब मैदान से बाहर भी वह इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए लिखा, “तुम्हारी ऐसे ही उत्तरोत्तर प्रगति हो और तुम हर क्षेत्र में सफल हो। यशस्वी भव!”

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