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#BlackLifeMatters: आकाश चोपड़ा बोले- मैंने भी किया है नस्लवाद का सामना, इंग्लैंड में तो...
हाल ही में डैरेन सैमी ने आईपीएल के दौरान उनके साथ नस्लीय भेदभाव होने का खुलासा किया था.
Published On Jun 10, 2020, 07:35 PM IST
Last UpdatedJun 10, 2020, 07:35 PM IST
वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों द्वारा आईपीएल के दौरान नस्लभेदी टिप्पणी (#BlackLifeMatters) का सामना किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद अब भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का भी बयान सामने आया है. चोपड़ा का कहना है कि वो भी नस्लभेदी टिप्पणी का सामना कर चुके हैं. इंग्लैंड में उनके साथ ऐसा किया गया था.
आकाश चोपड़ा ने आरोप लगाया है कि इंग्लैंड के लीग क्रिकेट के दौरान उन्हें नस्लवादी टिप्पणियों (#BlackLifeMatters) का सामना करना पड़ा था. पूर्व भारतीय बल्लेबाज 2007 में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के लिये खेले थे, उन्होंने कहा कि उन्हें ‘पाकी’ बुलाया जाता था जो एक नस्लवादी शब्द हैं जिसे अंग्रेजी बोलने वाले देश दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के लिये इस्तेमाल करते हैं.
‘हम कभी ना कभी नस्लवाद का शिकार हुए हैं’
चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल से कहा, ‘‘हम (क्रिकेटर) कभी ना कभी, नस्लवाद का शिकार हुए हैं. मुझे याद है जब मैं इंग्लैंड में लीग क्रिकेट खेलता था तो एक प्रतिद्वंद्वी टीम में दो दक्षिण अफ्रीकी थे और दोनों अभद्र टिप्पणियां करते थे. ’’
उन्होंने कहा, ‘‘और यहां तक कि जब मैं बल्लेबाजी के दौरान दूसरे छोर पर होता था तो वे मेरे पीछे पड़े रहते थे. वे मुझे लगातार पाकी बुलाते थे. कईयों को लगता है कि पाकिस्तान का छोटा स्वरूप पाकी है लेकिन यह सच नहीं है. अगर आपका रंग ‘ब्राउन’ है. अगर आप एशियाई उपमहाद्वीप में कहीं से भी हो तो इस शब्द को नस्लीय टिप्पणी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.’’
….गोरों पर भारत में होती है नस्लीय टिप्पणी
आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘‘अगर आपकी त्वचा का रंग सफेद है तो भी ऐसा होता है. जब वे दुनिया के इस हिस्से में आते हैं तो उनसे भी इसी तरह का व्यवहार किया जाता है. ’’
उन्होंने उस घटना को याद किया जब ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स को भारत में फील्डिंग करते समय ‘बंदर’ बुलाया गया था.
चोपड़ा ने कहा, ‘‘जब एंड्रयू साइमंड्स भारत आये थे तो वानखेड़े स्टेडियम में कईयों ने उन्हें ‘बंदर’ बुलाना शुरू कर दिया था.’’