Albie Morkel: core head of south african bowling department is gone with Dale Steyn, Morne Morkel and Vernon Philander
मोर्ने मोर्कल (AFP)

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर एल्बी मोर्कल का कहना है कि सीनियर खिलाड़ियों डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल और वर्नान फिलेंडर के जाने से टीम का गेंदबाजी अटैक कमजोर हो गया है।

तेज गेंदबाज स्टेन ने पिछले साल ही टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। स्टेन के संन्यास लेने के बाद ही फिलेंडर ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की घोषणा की और काउंटी क्लब सोमरसेट के साथ डील साइन की। वहीं सीनियर गेंदबाज मोर्ने ने दो साल पहले ही राष्ट्रीय टीम को छोड़ सर्रे के साथ कोलपैक डील साइन कर ली थी।

कोलपैक डील दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन का एक बड़ा कारण है लेकिन अब ये बदलने वाला है। क्योंकि ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ छोड़ दिया है, इस वजह से कोई भी नया खिलाड़ी कोलपैक डील साइन नहीं कर पाएगा। अगर उन्हें किसी काउंटी टीम के साथ खेलना है तो बतौर विदेशी खिलाड़ी खेलना होगा। इसका मतलब ये भी है कि कोलपैक डील साइन कर चुके खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में वापस आ सकते हैं।

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एल्बी का मानना है कि ये प्रोटियाज क्रिकेट के हित में है। स्पोर्ट्स्टार से बातचीत में उन्होंने कहा, “हां, मुझे लगता है कि इंग्लैंड ने ब्रेक्सिट किया ताकि कोलपैक खत्म हो जाय। इसलिए ज्यादातर दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों के पास इंग्लैंड में काउंटी का एक और सीजन है, मेरे हिसाब से। अगर वो विदेशी खिलाड़ी के तौर पर नहीं खेलना चाहते हैं तो वो क्वालिफाई नहीं कर सकते हैं। मुझे लगता है कि इसे कई खिलाड़ी हमारे सिस्टम में वापस आएंगे।”

पूर्व गेंदबाज ने आगे कहा, “गेंदबाजी का कोर ग्रुप स्टेन, मोर्ने और वर्नान फिलेंडर के साथ चला गया। कगीसो रबाडा ने उनकी कमी पूरी करने की काबिलियत दिखाई है, और लुंगी एनगिडी ने भी लेकिन समस्या केवल उनकी फिटनेस है। उनके शरीर को इतनी ज्यादा गेंदबाजी का आदी होना होगा। वो सभी नए गेंदबाज हैं। एनरिक नॉर्टजे भी प्रतिभावान युवा खिलाड़ी है।”