BCCI के कार्यकारी सचिव अमिताभ बोले- हमारा पक्ष सही साबित हुआ

कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने सदस्य इकाईयों के साथ मिलकर लोढा सिफारिशों की आपत्तिजनक धाराओं का मुद्दा उठाया।

Edited By : Press Trust of India |Jul 05, 2018, 09:08 PM IST

Published On Jul 05, 2018, 09:08 PM IST

Last UpdatedJul 05, 2018, 09:08 PM IST

Amitabh Chaudhary © IANS

सुप्रीम कोर्ट का बीसीसीआई पदाधिकारियों के लिए दो कार्यकाल के बीच ब्रेक की जरूरत को खारिज करने का विचार विवादों में घिरी इस खेल संस्था के लिए उम्मीद की किरण के रूप में सामने आया है। जिसने कहा कि लोढा समिति की सिफारिशों पर उनका पक्ष सही साबित हुआ।

[link-to-post url=”https://www.cricketcountry.com/hi/news/india-vs-england-2nd-t20-mahendra-singh-dhoni-will-complete-500-international-matches-tomorrow-724428″][/link-to-post]

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा , ‘ न्यायाधीशों ने हमारी याचिका सुनी और अपना विचार व्यक्त किया जिससे हम काफी सकारात्मक हैं। मुझे अब लगता है कि हमारा (मेरा और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी का) पक्ष सही साबित हुआ।’

उनकी यह टिप्पणी  सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर आई  है जिसमें उसने कहा कि वह ‘एक राज्य, एक मत’ और बीसीसीआई पदाधिकारियों के लिये ब्रेक से संबंधित पूर्व फैसले में संशोधन पर विचार करेगी।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने पूछा,  ‘दो कार्यकाल के बीच में ब्रेक की क्या जरूरत है जब एक व्यक्ति उसी पद के लिए  चुनाव नहीं लड़ रहा है? ’

न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘लोढा पैनल का सुझाव यह था कि एक पदाधिकारी के दो लगातार कार्यकाल के बीच ब्रेक होना चाहिए। बीसीसीआई के एक विशेष पद के कार्यकाल के बाद अधिकारी किसी अन्य पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। इसलिये दोनों के बीच में ब्रेक की कोई जरूरत नहीं है। ’

कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी ने सदस्य इकाईयों के साथ मिलकर लोढा सिफारिशों की आपत्तिजनक धाराओं का मुद्दा उठाया।

चौधरी ने कहा , ‘हमें अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा लेकिन मुझे लगता है कि हमारे लिये उम्मीद की किरण है कि चीजें ठीक हो जायेंगी। अदालत ने इन आपत्तिजनक धाराओं पर हमारी सभी बहस को सुना और हम इसके लिये उनके शुक्रगुजार हैं। ’

Editor's Pick