Andre Russell says Bio-bubble life is taking a toll on me mentally
आंद्रे रसेल © Getty Images

वेस्टइंडीज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल का कहना है कि बायो बबल में लगातार रहने का प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। रसेल आखिरी बार भारत में खेले जा रहे इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते नजर आए थे। और अब रसेल यूएई में फिर से शुरू होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग के छठें सीजन में हिस्सा लेंगे।

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में रसेल ने कहा, “मुझे लगता है कि ये मुझे थका रहा है। मैं क्वारेंटीन से गुजर रहे किसी और खिलाड़ी या कोच या सदस्य से बात भी नहीं कर सकता हूं। लेकिन इसका प्रभाव मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है क्योंकि एक बबल से दूसरे बबल में जाना, एक कमरे में बंद रहना, आप टहलने नहीं जा सकते, आप कहीं बाहर नहीं जा सकते, आप किसी से बात नहीं कर सकते हैं, ये अलग है।”

उन्होंने कहा, “लेकिन आखिर में मैं निराशाजनक नहीं दिखना चाहता। मैं इसका शुक्रगुजार हूं कि हमें खेलने का मौका मिल रहा है। हम अपना काम भी कर रहे हैं। इसलिए हमारे लिए ये मु्श्किल है। मेरे लिए, अगर मेरे कमरे में एक बाइकर हो तो मैं एक्सरसाइज कर सकता हूं। मेरे पास जितनी जगह होगी मैं उसका फायदा उठाउंगा, बॉलकनी में जाकर पुश-अप्स करूंगा, अपने कमरे में मौजूद सामान का इस्तेमाल कसरत के लिए करूंगा।”

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ऑलराउंडर खिलाड़ी ने कहा कि यूएई में इस खेलने का इस बार का अनुभव पिछली बार से अलग होगा क्योंकि खिलाड़ी अब इस तरह के हालात में ढलने के आदी हो चुके हैं।

रसेल ने कहा, “मैं पहले भी गर्मी से मौसम में खेल चुका हूं लेकिन मैं प्रतियोगिता में था, खेल रहा था, लगातार नेट सेशन में हिस्सा ले रहा था, हालात के हिसाब से खुद को ढाल रहा था। हालांकि इस बार जब हम क्वारेंटीन में होंगे तो चीजें अलग होंगी और फिर हम कुछ नेट सेशन करेंगे और फिर सीधा मैच खेलेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “शाम के मैच, दिन के खेलों जितने कठिन नहीं होंगे लेकिन अगर दिन का मैच है तो हमें चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। हम पेशेवर खिलाड़ी है, इसलिए हमें अपने दिमाग को गर्मी और मौसम के हिसाब से खुद को ढालने के लिए तैयार करना होगा।”