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पिछले दिनों, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने 2018 नीलामी से पहले नई रिटेंशन पॉलिसी की घोषणा कर दी। इन नए नियमों के मुताबिक एक फ्रेंचाइजी ज्यादा से ज्यादा 5 खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है। जिसमें दो कॉम्बिनेशन हो सकते हैं। एक में 3 खिलाड़ी प्री ऑक्शन के तहत रिटेन्ड किए जा सकते हैं और दो आरटीएम से या दो प्री ऑक्शन से और 3 आरटीएम से। पिछले दिनों रिपोर्ट आई थी कि पिछले साल आईपीएल जीसी मीटिंग में टीमों को क्या चाहिए था। लेकिन, जब पॉलिसी को रिलीज किया गया तो फ्रेंचाइजियों ने गवर्निंग काउंसिल के फैसले पर खुशी जताई क्योंकि ये सभी आठों फ्रेंचाइजियों को एकसाथ मौके देता है।

यह रिपोर्ट किया गया था कि कोलकाता नाइटराइडर्स पिछली मीटिंग में 0 रिटेंशन और 5 आरटीएम चाहती थी। लेकिन जब उनके वीडियो एनालिस्ट से संपर्क किया गया और उनसे इस पॉलिसी में उनकी राय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह अच्छा निर्णय है और इससे ऑक्शन और दिलचस्प बनेगा। स्पोर्ट्सकीड़ा के साथ बातचीत में श्रीकांत ने कहा, “मुझे लगता है कि यह सही निर्णय है। मुझे नहीं लगता कि इसके बारे में हमें ज्यादा पढ़ना चाहिए। यह नीलामी को और भी दिलचस्प बनाएगा।”

पिछले सीजन में गौतम गंभीर की कप्तानी वाली टीम की ओर से आंद्रे रसेल नहीं खेले थे। गौरतलब है कि पिछले साल आईसीसी ने उन्हें 1 साल के लिए बैन कर दिया था। उनकी जगह फ्रेंचाइजी ने न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर कॉलिन डे ग्रानहोम को खिलाया था। इस दौरान वह नाइट राइडर्स के लिए कुछ मैच खेले थे। बहरहाल, अब सवाल पैदा होता है कि क्या केकेआर के पास रसेल को रिटेन करने का अधिकार है कि नहीं। बहरहाल, श्रीकांत का कहना है कि केकेआर के पास रसेल को रिटेन करने का अधिकार है क्योंकि उन्होंने उनका करार खत्म नहीं किया था बल्कि सिर्फ उनकी जगह एक नया खिलाड़ी शामिल किया था।

उन्होंने कहा, “हमने रसेल का कॉन्ट्रेक्ट खत्म नहीं किया। वह अभी भी हमारे खिलाड़ी हैं। अगर हम चाहें तो हम उन्हें रिटेन कर सकते हैं।” बिना किसी शंका के रसेल टी20 फॉर्मेट के सबसे बेहतरीन ऑलाउंडर्स में से एक हैं। रसेल ने पिछले 12 महीनों में कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेली है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता उन्हें रिटेन करती है कि नहीं। उनका बैन 31 जनवरी 2018 को खत्म हो रहा है।