एंजलो मैथ्यूज © Getty Images
एंजलो मैथ्यूज © Getty Images

जिम्बाब्वे के खिलाफ श्रीलंका की करारी हार के बाद एंजलो मैथ्यूज ने श्रीलंका के कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया है। पांचवें वनडे में जब श्रीलंका को तीन विकेट से हार झेलनी पड़ी तभी मैथ्यूज ने संकेत दे दिया था कि वह अपने भविष्य के बारे में चयनकर्ताओं से बातचीत करेंगे। उन्होंने कप्तान पद से इस्तीफा देने की बात 11 जुलाई को सुबह बताई। यह माना जा रहा है कि श्रीलंका का अगला कप्तान बनने के लिए दिनेश चंडीमल प्रबल दावेदार हैं। कप्तानी करने के लिए मैथ्यूज को युवा उम्र से ही तराशा गया है।

श्रीलंका की अंडर-19 टीम की अगुआई करने के पहले वह कोलंबो में अपने कॉलेज सेंट स्टीफंस की टीम की अगुआई करते थे। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका ए की अगुआई और 25 साल की उम्र में श्रीलंका के सबसे युवा कप्तान बने। वह साल 2013 में महेला जयवर्धने के बाद टीम के कप्तान बने थे। वह 25 सालों के बाद श्रीलंका के पहले गैर-बौद्ध कप्तान थे। उनके पहले दुलीप मेंडिस हुए थे।

टेस्ट कप्तान नियुक्त किए जाने के पहले मैथ्यूज को वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में श्रीलंका टीम की अगुआई कर चुके थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के दौरान चोटिल हो जाने के बाद मैथ्यूज ने इस साल बहुत कम क्रिकेट खेली है। वह दक्षिण अफ्रीका में पांच मैचों की सीरीज नहीं खेले जिसमें श्रीलंका को 5-0 से हार का सामना करना पड़ा। और ऑस्ट्रेलिया में टी20I सीरीज नहीं खेले। इसके अलावा वह बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज नहीं खेले और सीधे चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में वापसी की। [ये भी पढ़ें: रवि शास्त्री बने टीम इंडिया के नए हेड कोच]

मैथ्यूज ने श्रीलंका की कप्तानी 34 टेस्ट में की जिसमें जिसमें 13 जीते और 15 हारे। वनडे में उनकी कप्तानी में श्रीलंका 47 जीती 46 हारी। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी चार जीतीं और सात हारीं। मैथ्यूज की कप्तानी में ही श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया था।