जहीर खान और राहुल द्रविड़ © Getty Images
जहीर खान और राहुल द्रविड़ © Getty Images

टीम इंडिया के कोच पद की नियुक्ति को लेकर लंबे समय तक असमंजस की स्थिति बने रहने के बाद आखिरकार रवि शास्त्री को नया कोच नियुक्त किया गया। बीसीसीआई की सलाहकार समिति ने नए कोच के नाम के साथ साथ राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों को लिए बल्लेबाजी सलाहकार और जहीर खान को गेंदबाजी कोच बनाए जाने की घोषणा की थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक समिति ने ये बयान जारी किया है कि बिना नए कोच की सलाह लिए किसी भी सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जाएगी। जिसके बाद जहीर और द्रविड़ की नियुक्तियों पर विराम लगा दिया गया। जिसे लेकर सीओए के पूर्व सदस्य और रामचंद्र गुहा ने इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

गुहा का मानना है कि जहीर खान और राहुल द्रविड़ को भी उसी तरह अपमानित किया जा रहा है जैसा अनिल कुंबले के साथ किया गया था। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “अनिल कुंबले के साथ किया गया शर्मनाक व्यवहार अब जहीर खान और राहुल द्रविड़ के साथ किया जा रहा है।” उन्होंने आगे लिखा, “कुंबले, द्रविड़ और जहीर इस खेल के महान खिलाड़ी थे जिन्होंने मैदान पर अपना पूरा योगदान दिया हैं। वे इस सार्वजनिक अपमान के योग्य नहीं हैं।” गुहा ने पहले भी कई बार बीसीसीआई और सीओए के खिलाफ अपने विचार खुलकर रखे हैं। [ये भी पढ़़ें: जहीर खान और राहुल द्रविड़ की नियुक्तियों पर विराम लगा]

गुहा के इस ट्वीट पर उन्हें क्रिकेट प्रशंसकों का काफी समर्थन मिला। सीओए द्वारा जारी बयान के मुताबिक पैनल के सदस्य सीके खन्ना और राहुल जौहरी, डायना इडुल्जी और बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी 19 जुलाई को बैठक करेंगे। समिति 22 जुलाई को अपनी सिफारिशें सीओए को देगी, जिसके बाद द्रविड़ और जहीर की नियुक्तियों को लेकर फैसला हो सकेगा।