अनिल कुंबले © Getty Images
अनिल कुंबले © Getty Images

टीम इंडिया के कोच का पद छोड़ने वाले महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। खबरे हैं कि अनिल कुंबले टीम इंडिया की हर छोटी बड़ी चीजों में दखल देते थे। प्लेइंग इलेवन हो या फिर कोई और फैसले सभी मुद्दों पर अनिल कुंबले अपनी चलाने की कोशिश करते थे।

टीम इंडिया के करीबी सूत्र के अनुसार विराट और टीम के अन्य सदस्यों ने सीएसी से कहा, ‘अनिल कुंबले खुद ‘अल्फा मेल’ बनाना चाहते हैं। वो चाहते हैं कि प्लेइंग इलेवन भी वही चुनें। वो खुद को चयनकर्ता भी बनाना चाहते हैं। ऐसा नहीं चलता, टीम हमेशा कप्तान की होती है और फैसला लेने का अधिकार उसी के पास है। पहले अजहर थे, फिर सौरव, राहुल के बाद धोनी आए और अब कोहली की बारी है।”

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के दौरान कोहली ने सीएसी के सदस्यों सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ 4 घंटे तक बैठक की। ये उस वक्त हुआ, जब उन्हें ध्यान टूर्नामेंट पर देना चाहिए था। उन 4 घंटों में कोहली ने साफ किया को टीम को कुंबले जैसा कोच क्यों नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उनका रवैया अड़ियल है। वो बर्दाश्त के बाहर हैं और वो खिलाड़ियों के साथ ठीक व्यवहार नहीं करते।’

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक कुंबले पर आरोप है कि वो अंतिम 11 खिलाड़ियों के चयन में भी दखल देना चाहते हैं। उनका रवैया काफी जिद्दी किस्म का है। वो अपनी गलती कभी नहीं मानते। वो यह मान ही नहीं सकते की टीम कोहली की है, वो टीम पर अपना अधिकार चाहते थे। ये भी पढ़ें-बीसीसीआई ने कोच पद के आवेदन के लिए समय सीमा 9 जुलाई तक बढ़ाई

सूत्रों के मुताबिक बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ये काफी दुखद है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और साथी खिलाड़ियों को अनुशासनहीन लड़कों की तरह पेश किया जा रहा है। ऐसा लगा रहा कि टीम को कोच की जरूरत ही नहीं। ये गलत धारणा बन रही है। इससे ऐसा भी लग रहा है कि बीसीसीआई इस मामले को सही तरीके से नहीं संभाल पा रहा है और बोर्ड की छवि धूमिल हो रही है।”