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महिला टीम की कोच चयन के बहाने सीओए प्रमुख पर बरसे चौधरी और एडुल्जी

उच्चतम न्यायालय से नियुक्त सीओए में कोच चयन प्रक्रिया को लेकर मतभेद थे।

user-circle cricketcountry.com Written by Cricket Country Staff
Last Published on - December 20, 2018 6:23 PM IST

भारतीय महिला क्रिकेट कोच की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बीसीसीआई के कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी और प्रशासकों की समिति ) की सदस्य डायना एडुल्जी ने आज सीओए प्रमुख विनोद राय को आड़े हाथों लिया।

उच्चतम न्यायालय की अगली सुनवाई 17 जनवरी को होनी हैं और इसलिए कोषाध्यक्ष ने कहा कि किसी तरह के कानूनी मामले से बचने के लिए बेहतर होता कि कोच पद के लिए साक्षात्कार सुनवाई के बाद किए जाते।

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चौधरी ने अपने पत्र में लिखा, ‘क्या यह उचित नहीं होता कि उच्चतम न्यायालय के सामने अगली सुनवाई यानि 17 जनवरी तक इंतजार किया जाता और तब तक कोच चयन का वर्तमान मसला टाल दिया जाता और या रमेश पोवार को पद पर बरकरार रखा जाता या किसी अन्य को तब तक कार्यभार सौंप दिया जाता।’

उन्होंने कहा, ‘इससे अनावश्यक कानूनी मसलों और अवांछित विवाद से बचा जा सकता था।’ चौधरी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में बोर्ड नियुक्ति को मंजूरी नहीं दे सकता।

एडुल्‍जी ने सीओए अध्‍यक्ष विनोद राय को लिखा पत्र

पूर्व भारतीय कप्तान एडुल्जी ने गुरुवार की सुबह राय को पत्र लिखकर साक्षात्कार की प्रक्रिया रोकने के लिए कहा था लेकिन भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी एम श्रीकृष्णा से राय लेने के बाद साक्षात्कार प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी।

‘ठगी हुई महसूस कर रही हैं एडुल्‍जी’

चौधरी का मानना है कि राय के साक्षात्कार प्रक्रिया जारी रखने के फैसले से एडुल्जी ठगी हुई सी महसूस कर रही हैं। एडुल्जी ने पहले भी साक्षात्कार रोकने की अपील की थी।

चौधरी ने लिखा, ‘सीओए की सदस्या डायना एडुल्जी ने जो मेल भेजा है उसमें उन्होंने कुछ बेहद मौलिक मुद्दों को उठाया है। यह मेल सभी पदाधिकारियों को भी भेजा गया है। इससे हमें सीओए, पेशेवर प्रबंधन और बीसीसीआई की कानूनी टीम के कामकाज के तरीकों की जानकारी पता चली है।’

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उन्होंने कहा, ‘मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि बीसीसीआई प्रशासन के संबंध में यह अच्छी तस्वीर पेश नहीं करता। इससे लगता है कि चीजों को हल्के से लिया जा रहा है, निर्णय करने में अनिमियतता लगती है जिसका परिणाम गैरकानूनी हो साबित हो सकता है।’

उच्चतम न्यायालय से नियुक्त सीओए में कोच चयन प्रक्रिया को लेकर मतभेद थे। एडुल्जी पोवार को बनाए रखना चाहती थी जबकि राय ने बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों को नए आवेदन मंगवाने के निर्देश दिए थे।

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(इनपुट-एजेंसी)