भारतीय टीम के हेड कोच (Team India Head Coach) के रूप में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रवि शास्त्री (Ravi Shastri) का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है. उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को उसके घर में घुसकर एक नहीं बल्कि दो-दो बार टेस्ट सीरीज में मात दी है. वर्ल्ड टेस्ट रैंकिंग (Team India World Test Ranking) में टीम इंडिया लंबे समय तक नंबर एक पर रही है.

इसके अलावा वनडे और टी20 सीरीज में भी टीम के प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया है. हालांकि ICC टूर्नामेंट में नॉक आउट मुकाबलों में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर जरूर कुछ सवाल हैं. क्योंकि चाहे वर्ल्ड कप 2019 हो या फिर 2021 WTC फाइनल टीम को बिना खिताब के ही बाहर होना पड़ा है. 2017 में जब शास्त्री का टीम इंडिया के साथ पहला कार्यकाल खत्म हुआ था, तब कयास लगाए जा रहे थे कि शास्त्री को अपना कार्यकाल दोहराने का मौका नहीं मिलेगा. लेकिन कोच का चयन करने के लिए बनी 3 सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने एक बार फिर शास्त्री को ही इस पद के लिए मुफीद समझा.

इस दौरान माइक हेसन और टॉम मूडी जैसे दिग्गज कोचों ने भी टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अपनी किस्मत आजमाई थी. कोच चुनने वाली 3 सदस्यीय कमिटी में पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev), अंशुमन गायकवाड़ (Anshuman Gaekwad) और शांता रंगास्वामी ( Shantha Rangaswamy) शामिल थे.

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक गायकवाड़ ने शास्त्री को फिर से कोच बनने की वजह बताई है. उन्होंने कहा, ‘रवि (शास्त्री) के पास दूसरों के मुकाबले कोच बनने का अडवान्टेज था. मैंने, कपिल देव और शांता (रंगास्वामी) ने यह चयन किया था. वह सालों से क्रिकेट से जुड़े हुए हैं. वह एक कॉमेंटेटर के तौर पर उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में क्रिकेट का लुत्फ लिया है.’

68 वर्षीय गायकवाड़ ने कहा, ‘वह जानते हैं कि चीजें कैसे होती हैं- जीत या हार. वह जानते हैं कि मैच और परिस्थितियां कैसे घुमाव लेती हैं. ऐसे में किसी को क्या करना होता है? वह भारतीय क्रिकेटरों के संपर्क में रहे हैं और उन्हें बेहतर जानते हैं. आपको एक कोच से इसके अलावा और क्या चाहिए?’