अरविंदा डी सिल्वा © AFP
अरविंदा डी सिल्वा © AFP

पूर्व श्रीलंकाई कप्तान अरविंदा डी सिल्वा जल्द ही श्रीलंकन क्रिकेट बोर्ड से जुड़ने जा रहे हैं। डी सिल्वा सीनियर टीम के सपोर्ट स्टाफ के सलाहकार के पद पर नजर आएंगे। श्रीलंका टीम इस समय खराब फॉर्म से गुजर रही है, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से हारकर लौटी श्रीलंका टीम को भारत के हाथों घरेलू सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। बता दें कि डी सिल्वा पहले भी श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में सलाहकार पद पर रह चुके हैं लेकिन बोर्ड के कुछ अधिकारियों के साथ विचारों के मतभेद के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। अब जबकि श्रीलंका टीम अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है तो बोर्ड ने एक बार फिर से उनका रुख किया है।

बोर्ड के सीनियर अधिकारी ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “पूरी तरह बिखर चुकी श्रीलंका टीम को संभालने के लिए हमें डी सिल्वा की दूरदर्शिता की जरूरत है जो चीजों को फिर से सही रास्ते पर ला सके। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़े मामलों में उन्हें पूरा नियंत्रण दिया जाएगा। जब हमने उनसे इस बारे में पहले बात की तो उन्होंने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी क्योंकि वह अपने बिजनेस को लेकर काफी व्यस्त रहते हैं। हालांकि हमने उन्हें श्रीलंका टीम की मदद करने के लिए तैयार कर लिया है।” [ये भी पढ़ें: विराट कोहली का नाम गलत लिखने पर इंग्लैंड की महिला क्रिकेटर का उड़ा मजाक]

डी सिल्वा का सबसे पहला काम 2019 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम के लिए एक काबिल मुख्य कोच तलाशना होगा। ग्राहम फोर्ड के इस्तीफा देने के बाद से ही श्रीलंका टीम के पास कोई कोच नहीं है। पूर्व में टीम के चयनकर्ता के पद पर रह चुके डी सिल्वा को श्रीलंका क्रिकेट से जुड़े हर पहलू की अच्छी जानकारी है। पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा भी डी सिल्वा की काफी तारीफ कर चुके हैं। भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज हार चुकी श्रीलंका टीम को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज खेलने के लिए यूएई का दौरा करना है। [ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया को हरा नंबर 1 वनडे टीम बन सकती है टीम इंडिया]

28 सितंबर से शुरू होने वाले इस दौरे पर दो टेस्ट, पांच वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। इस दौरे पर श्रीलंका अपना पहला डे-नाइट टेस्ट मैच भी खेलेगी। दुबई में होने वाला दूसरा टेस्ट मैच रात को खेला जाएगा। वहीं सीरीज का आखिरी टी20 मैच पाकिस्तान में खेले जाने की खबर है। हालांकि श्रीलंका बोर्ड ने साफ कहा है कि वर्ल्ड इलेवन टीम के सफल दौरे के बाद ही वह पाकिस्तान जाने के बारे में सोचेंगे। बता दें कि 2009 में पाकिस्तान में श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस पर आंतकवादी हमला हुआ था।