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भ्रष्टाचार! यूपी बोर्ड के प्रवेश पत्र पर अर्जुन तेंदुलकर का फोटो

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर पिछले कुछ महीनों के दौरान मुंबई की अंडर-16 टीम की ओर से खेलते नजर आए थे। हो सकता है वह अगले कुछ सालों में रणजी खेलते नजर आएं।

user-circle cricketcountry.com Written by Cricket Country Staff
Last Updated on - February 18, 2016 1:19 PM IST

सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की फोटो यूपी बोर्ड के प्रवेश पत्र में © ANI on Twitter
सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की फोटो यूपी बोर्ड के प्रवेश पत्र में © ANI on Twitter

उत्तरप्रदेश में भ्रष्टाचार  कोई नई  बात नहीं है। यहां आए दिन दो चार मामले इस संबंध में दर्ज होते ही रहते हैं। एक ऐसे ही भ्रष्टाचार का मामला यूपी से फिर से सामने आया है जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। हाल ही में आगरा के एक इंटर कॉलेज ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा के प्रवेश पत्र में क्रिकेट किवदंती सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का फोटो लगा दिया गया। इस बात का खुलासा ठीक एक दिन पहले हुआ जब आगरा के 1.6 लाख छात्र कल से शुरू हो रही परीक्षा में बैठने वाले थे। अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक इस प्रवेश पत्र का रोल नंबर 0025488 है। इसमें लगी  हुई पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ अर्जुन तेंदुलकर की है। ये भी पढ़ें: अश्विन- नेहरा से गेंदबाजी की शुरुआत करवाना कितना तर्कसंगत?

वहीं प्रवेश पत्र में नाम अर्जुन सिंह लिखा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि अर्जुन  तेंदुलकर की फोटो को प्राइवेट इंटर कॉलेज(अंकुर इंटर कॉलेज, दुर्गानगर) के अधिकारियों द्वारा अटेस्ट व हस्ताक्षरित किया गया है।  सूत्र जिन्होंने इस विसंगति  को देखा है उनका कहना है, “यह एजुकेशन माफियाओं की पूरे राज्य  में सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों से मिलीभगत का नतीजा है। ऐसे कई प्रवेश पत्र जाली फोटोग्राफ्स लगाकर बनाए गए हैं, ताकि परीक्षा के समय इनकी जगह कोई और बैठ सके।”

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उन्होंने आगे बताया, ” आप चाहें तो हाफिज सईद का फोटोग्राफ लगा ले और परीक्षा केंद्रों  पर कोई जांच नहीं करेगा, क्योंकि उपस्थिति रजिस्टर व परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थी का फोटोग्राफ चस्पा(प्रिंटेड) नहीं होता। इन जाली कागजातों के लिए परीक्षार्थी कॉलेज वालों को 20,000 से 30,000 रुपए तक देते हैं।” पूरा सिस्टम इतना व्यवस्थित है कि अगर संयोगवश प्लाइंट स्कवाड फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ भी  ले तो वे उसकी पहचान भी नहीं कर पाएंगे क्योंकि प्रवेशश पत्र पर लगी फोटोग्राफ किसी दूसरे व्यक्ति की रहती है। अंत में, डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल आगरा दिनेश कुमार ने कहा, “इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। हालांकि हमने पाया है कि कि परीक्षा सेंटर की अटेंडेंस शीट पर किसी का भी विद्यार्थी का एक भी फोटो नहीं है जिसकी बिनाह पर जांच की जा सके।”