Arjuna Ranatunga: We are looking towards overseas coaches while Bangladesh are playing well with our coaches
Arjuna Ranatunga (file photo) © Getty Images

एशिया कप 2018 में भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में अपनी जगह पक्‍की कर ली है। वहीं, दूसरी और पांच बार की चैंपियन रह चुकी श्रीलंका की टीम ग्रुप स्‍तर पर ही दोनों मुकाबले हारने के बाद बाहर हो गई। पहले बांग्‍लादेश और फिर अफगानिस्‍तान ने श्रीलंका को हराया। साल 1996 में श्रीलंका की टीम अर्जुना रणातुंगा की कप्‍तानी में ही विश्‍व विजेता बनी थी। रणातुंगा ने हिंदुस्‍तान टाइम्‍स से बातचीत के दौरान कहा कि टीम को बुरी तरह से हारते हुए देखकर काफी दुख होता है।

उन्‍होंने कहा, “श्रीलंका के कोच पिछले 10 सालों में बांग्‍लादेश गए और वहां क्रिकेट को जमीनी स्‍तर पर मजबूत किया और दूसरी तरफ हम हैं जो जरूरत से ज्‍यादा विदेशी कोच के भरोसे रहे। हमारे कोच बांग्‍लादेश में अलग-अलग उम्र की श्रेणी में कोचिंग दे रहे हैं। बांग्‍लादेश ने क्रिकेट में काफी तरक्‍की की है।” श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के एक बार प्रेसिडेंट रह चुके रणातुंगा ने कहा, “हमारे पास अपने देश में कई अच्‍छे कोच हैं, लेकिन उन्‍हें तरजीह देने की जगह हम ओवरसीज के कोचाें की तरफ देखते रहते हैं। पिछले कुछ समय में टीम में हुए लगातार बदलावों से भी मैं काफी दुखी हूं।”

अर्जुना रणातुंगा ने कहा, “लाहिरू थिरिमाने काफी अच्‍छा प्रदर्शन कर रहा है। जब आप किसी होनहार खिलाड़ी के टैलेंट को समझते हो तो आपकों उसका समर्थन करना चाहिए। ऐसा ही इमरान खान किया करते थे और ऐसा ही अपने समय में मैंने भी किया था।”

रणातुंगा ने कहा, “मार्वन अटापट्टू का क्रिकेटिंग करियर भी कुछ ऐसा ही रहा। अपनी पहली छह पारियों में उन्‍होंने महज एक रन बनाया था। बाद में उसने टेस्‍ट क्रिकेट में 16 शतक बनाए। ऐसा इसलिए हुआ क्‍योंकि मैंने उसका समर्थन किया था और उसका उत्‍साह बढ़ाया था। अभी भी ज्‍यादा देर नहीं हुई है। अगर हम फोकस करें तो एक बार फिर अच्‍छी टीम बना सकते हैं।”