Arun Jaitley’s son Rohan files nomination for DDCA president Post
Rohan Jaitley @ians

दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) के बेटे रोहन (Rohan) दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) का अध्यक्ष बनने को तैयार हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार व विवादों से भरी संस्था में ‘गैर जरूरी खर्चों’ को रोकने का वादा किया है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी और मौजूदा सांसद गौतम गंभीर के मामा पवन गुलाटी ने कोषाध्यक्ष के खाली पद के लिए अपना नामांकन भरा है।

अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के अंतिम दिन अपने पिता के नक्शेकदमों पर चलते हुए 31 वर्षीय रोहन ने इस पद के लिए नामांकन भरा। पता चला है कि उन्हें संघ में सभी बड़े गुटों का सहयोग प्राप्त है। उनके पिता का पिछले साल निधन हो गया था।

‘हां, मैंने आज अपना नामांकन भरा है’

रोहन ने औपचारिकतायें पूरी करने के बाद बातचीत के दौरान पीटीआई से कहा, ‘हां, मैंने आज अपना नामांकन भरा है। मैं दिल्ली क्रिकेट की बेहतरी के लिए काम करना चाहूंगा और हर किसी से यही करना पसंद करूंगा।’

उम्मीद की जा रही है कि 31 वर्षीय रोहन डीडीसीए में सभी विरोधी गुटों की सर्वसम्मत पसंद होंगे। जब उनसे यह पूछा गया तो वह हंसने लगे। अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र अन्य उम्मीदवार सुनील गोयल ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।

पेशे से वकील हैं रोहन 

पेशे से वकील रोहन ने कहा, ‘ मुझे मुकाबले से कोई परेशानी नहीं है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिये अच्छा है। आइडिया यह है कि अच्छे लोगों को सही समय पर लाया जाये ताकि संतुलन और नियंत्रण बना रहे।’

उनकी योजनाओं के बारे में पूछने पर रोहन काफी स्पष्ट थे कि वे क्या हासिल करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘पहला आइडिया एक ‘विजन डाक्यूमेंट’ लाने का है और साथ ही जरूरी संतुलन व नियंत्रण बनाने का है ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ें। ’

उन्होंने कहा, ‘मैं अखंडता, टेक्नॉलाजी के कुछ क्षेत्रों पर काम करूंगा और खेल प्रबंधन के साथ खेल क्लबों और बुनियादी ढांचों को भी अहमियत दूंगा।’

सहयोगी स्टाफ के रूके हुए भुगतान और मुकदमों पर जो करोड़ों में खर्चा हो रहा है, उसका क्या? उन्होंने कहा, ‘मैं इन मुद्दों को तभी निपटा सकता हूं जब मैं पदभार संभाल लूं। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि कोई भी गैर जरूरी खर्चा नहीं होगा। केवल वैध खर्चों को ही वहन किया जायेगा। ’

उन्होंने कहा, ‘मैंने मुकदमे के खर्चों के बारे में खबरें पढ़ी थीं। मैं सभी से संघ की बेहतरी के लिए काम करने का आग्रह करूंगा।’

वह पहली बार क्रिकेट प्रशासन में प्रवेश करेंगे और डीडीसीए कई विरोधी गुटों की गुटबाजियों को लेकर काफी बदनाम है जैसे विनोद तिहाड़ा गुट, एसपी बंसल गुट और सीके खन्ना गुट इनमें से कुछेक हैं।

‘गुटबंदी हमेशा से डीडीसीए में रही है’

यह पूछने पर कि वह इन गुटों से किस तरह से निपटेंगे जिससे दिल्ली के क्रिकेट के विकास पर भी असर पड़ा है तो रोहन ने कहा, ‘गुटबंदी हमेशा से डीडीसीए में रही है। अगर आप सर्वसम्मति बनाने को देखोगे तो मैं इसे अलग नजरिये से देखना चाहूंगा। प्रत्येक ग्रुप में अच्छे लोग हैं। अच्छे लोगों को विभिन्न पदों के लिये चुना जाना चाहिए ताकि वे सभी योगदान कर सकें।’

रोहन ने कहा, ‘मैं मदन लाल से बात कर रहा था। वह कह रहे थे कि हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है और मैंने कहा कि हमें प्रत्येक में से सर्वश्रेष्ठ निकालना होगा। क्रिकेट सुधार समिति होनी चाहिए और सुधारों का रिकॉर्ड होना चाहिए।’