asad rauf died at 66 his life controversies stories and career
asad rauf

कभी वह क्रिकेट की दुनिया का मशहूर अंपायर था। पाकिस्तान, कभी अंपायरिंग के अपने खराब स्तर के लिए जाना जाता था। लेकिन दो शख्स इसे बदलने में लगे थे। अलीम डार के अलावा जिस इनसान का नाम आगे आता था वह असद राउफ। उसी असद राउफ का आज लाहौर में कार्डिएक अरेस्ट से निधन हो गया। वह 66 साल के थे। बीते दिनों खबर आई थी कि वह लाहौर के पुराने सामान के बाजार में दुकान चला रहे हैं। कभी जिसकी उंगली के एक इशारे पर क्रिकेट के बड़े-बड़े मुकाबलों के फैसले हो जाते थे वह शख्स अब एक सामान्य जिंदगी जी रहा था। हालांकि उन्हें न इस बात का मलाल था, न कोई शिकन।

यह सब शुरू होता है साल 2013 से। अलीम डार और असद राउफ के जरिए पाकिस्तानी अंपायर सम्मान पा रहे थे। लेकिन, तभी क्रिकेट जगत में भूचाल आता है। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग का। क्रिकेटर्स से लेकर अधिकारियों तक- जांच की आंच सभी तक पहुंचने लगी। राउफ के नाम के भी चर्चे होने लगे। मुंबई पुलिस ने 2013 में ही राउफ को ‘वांछित आरोपी’ करार दिया। स्पॉट फिक्सिंग की जांच के घेरे में राउफ भी आने लगे थे।

आईपीएल का सीजन खत्म होने से पहले राउफ पाकिस्तान चले गए। आईसीसी ने चैंपियंस ट्रॉफी से राऊफ को बैन कर दिया। इसके बाद आईसीसी के एलीट पैनल से भी राऊफ का नाम हटा दिया गया। हालांकि आईसीसी ने यह साफ किया कि इसका स्पॉट फिक्सिंग के मामले की जांच में उनका नाम आने से कोई लेना-देना नहीं है।

राउप ने कहा कि वह बेगुनाह हैं और उन्होंने एंटी करप्शन एजेंसी से जांच में सहयोग का वादा गिया। साल 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने राउफ को करप्शन और अनियमितताओं के चलते पांच साल के लिए बैन कर दिया।

यौन शोषण का आरोप

साल 2012 में मुंबई की एक मॉडल ने रऊफ पर यौन शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया था कि रऊफ ने शादी का झूठा वादा कर उनका यौन शोषण किया। रऊफ ने हालांकि इन आरोपों को हमेशा खारिज किया। उन्होंने बाद में माना था कि वह उस लड़की से मिले हैं और उसने बतौर फैन तस्वीरें साथ खिंचवाई थीं।

फिर लाहौर में दुकान

रऊफ हाल ही मे लाहौर में पुराने सामान के बाजार में अपनी दुकान चला रहे थे। क्रिकेट से दूरी उन्हें पसंद थी और वह दोबारा उसमें जाने के इच्छुक नहीं थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जो काम छोड़ दिया जाए उसे दोबारा नहीं करना चाहिए। और इसी वजह से 2013 में अंपायरिंग छोड़ने के बाद उन्होंने दोबारा इधर का रुख नहीं किया।

रऊफ से जब पूछा गया था कि क्या वह अब भी क्रिकेट फॉलो करते हैं, तो उन्होंने पाकटीवी.टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘नहीं, मैंने सारी उम्र जब खुद ही खिला दिये तो अब देखना किसको है। मैंने 2013 के बाद से क्रिकेट बिलकुल ही…. क्योंकि मैं जो काम छोड़ता हूं उसको छोड़ ही देता हूं।’

अंपायरिंग करियर

राउफ ने 66 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की। इसमें 49 मैचों में वह मैदान पर रहे और 15 मैचों में वह टीवी अंपायर रहे। इसके साथ ही वह 139 वनडे और 28 टी20 इंटरनैशनल मैचों में अंपायर रहे।