Ashish Nehra: Anyone can be a captain, but MS Dhoni is a true leader
© Getty Images

भारतीय टीम के सफल कप्तानों की जब बात की जाती है तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम जरूर आता है। कपिल देव के बाद भारत को विश्व कप जिताने वाले अकेले कप्तान धोनी के नाम तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड भी है। 2007 में जब एक 26 साल के धोनी को टीम इंडिया की कमान सौंपी गई थी, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि वो आगे चलकर भारत के सबसे महान कप्तान बन जाएंगे। धोनी की कप्तानी में लंबे समय तक खेलने वाले आशीष नेहरा का मानना है कि कप्तान तो कोई भी बन सकता है लेकिन धोनी लीडर हैं।

अश्विन ने इस मामले में कपिल, कुंबले और हरभजन की बराबरी की
अश्विन ने इस मामले में कपिल, कुंबले और हरभजन की बराबरी की

आउटलुक इंडिया के लिए एक कॉलम में पूर्व तेज गेंदबाज ने लिखा, “कप्तानी कोई भी कर सकता है लेकिन धोनी एक सच्चा लीडर है। उसने 2007 में टीम को टी20 विश्व कप जिताकर ये साबित किया था। इस तरह की सफलता दूसरों को भटका सकती है लेकिन उसे नहीं।”

नेहरा ने 2007 के दौर को याद करते हुए लिखा, “मुझे याद है, वो कप्तानी में बिल्कुल नया था, उसे टीम की कमान तब सौंपी गई जब वो आस पास भी नहीं था और उसके सामने बड़ी जिम्मेदारी थी। उससे पहले इंग्लैंड के दौरे पर राहुल द्रविड़ टीम के कप्तान थे। धोनी को कप्तान बनाना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा कदम साबित हुआ। उसे पता है कि दबाव को कैसे झेला जाता है। जब भारत इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया में लगातार 0-4 से टेस्ट सीरीज हारा तो उसकी शख्सियत पर कोई असर नहीं पड़ा।”

दबाव में टीम को मैच जिताने के लिए मशहूर कैप्टन कूल के कप्तानी छोड़ने के फैसले पर नेहरा ने लिखा, “उसने कप्तानी छोड़ने का फैसला सही समय पर लिया। इससे विराट कोहली को सेट होने के लिए थोड़ा समय मिल गया।” नेहरा ने धोनी को सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गजों के बराबर बताया।