एशिया कप : आत्ममुग्धता से बचकर पाक को रौंदना चाहेगा भारत
भारत ने ग्रुप स्तर पर अपने पहले मैच में हांगकांग को जबकि दूसरे मैच में पाकिस्तान को हराया था।
Published On Sep 22, 2018, 08:05 PM IST
Last UpdatedSep 22, 2018, 08:05 PM IST
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प्रबल दावेदार भारतीय टीम रविवार को जब एशिया कप के सुपर फोर में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी तो उसकी निगाहें आत्ममुग्धता से बचकर शानदार प्रदर्शन करने पर लगी होगी।
तीन मैचों में तीन जीत के बाद भारत की कोशिश फाइनल में पहुंचने की होगी जबकि पाकिस्तान अपने खेल में सुधार करना चाहेगा जिसने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में महज तीन गेंद रहते जीत दर्ज की।
तीन दिन पहले ही ग्रुप मैच में भारत ने पाकिस्तान को आठ विकेट से धोया था लेकिन इतिहास को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया इस पारपंरिक प्रतिद्वंद्विता को जरा भी हल्के में नहीं लेना चाहेगी।
टूर्नामेंट के शुरूआती मैच में कमजोर हांगकांग ने भारत के खिलाफ बड़ा स्कोर बनाया था लेकिन इसके बाद टीम इंडिया ने सरफराज अहमद की टीम के खिलाफ मैच में एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन किया।
छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने कप्तान रोहित शर्मा के अर्धशतक से 21 ओवर रहते ही जीत हासिल कर ली थी।
कोहली के बिना भी टीम इंडिया मजबूत
अपने करिश्माई कप्तान विराट कोहली के बिना भी भारतीय टीम मजबूत दिख रही है और उम्मीदों के अनुसार यहां की पिचों पर अच्छा खेल दिखा रही है। रोहित ने पारी का आगाज करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की और इसके बाद उन्होंने बांग्लादेश पर सात विकेट की जीत में 83 रन की पारी खेली।
रोहित के साथी सलामी जोड़ीदार शिखर धवन ने भी इंग्लैंड की मुश्किल भरी परिस्थितयों में खराब समय के बाद यहां रन जुटाये और हांगकांग के खिलाफ शतक सहित तीनों मैचो में रन बनाए।
मिडिल ऑर्डर में रायडू और कार्तिक के पास मौका
मध्यक्रम में अम्बाती रायडू और दिनेश कार्तिक की जोड़ी इस बड़े मैच में मौके का फायदा उठाते हुए उपयोगी योगदान करना चाहेगी। रायडू ने पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच में नाबाद 31 रन बनाए थे, पर बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा नहीं कर सके।
अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को क्रीज पर कुछ समय बिताया और 37 गेंद में 33 रन बनाए थे। केदार जाधव ने अपनी गेंदबाजी के अलावा बल्ले से भी अपनी अहमियत साबित की है।
एक साल से ज्यादा समय बाद वापसी कर रहे रविंद्र जडेजा ने भी मौके का अच्छा फायदा उठाया और बांग्लादेश के खिलाफ चार विकेट चटकाए। वह और बेहतर करने के लिए बेताब हैं। पाकिस्तान उनसे सतर्क रहना चाहेगा जो निचले क्रम में बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकते हैं।
भुवी और बुमराह की जोड़ी से शुरुआती सफलता की उम्मीद
भारतीय टीम तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी से शुरूआत में विकेट हासिल करने की उम्मीद करेगी और स्पिनरों को गेंदबाजी पर लगाने से पहले पाकिस्तान को दबाव में लाना चाहेगी।
युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव दो मुख्य स्पिनर हैं लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में केदार ने धीमे गेंदबाजों में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए थे।
शोएब मलिक से प्रेरणा लेना चाहेगी पाकिस्तान की टीम
पाकिस्तान की टीम अपने अनुभवी खिलाड़ी शोएब मलिक से प्रेरणा लेना चाहेगी। आल राउंडर मलिक ने भारत के खिलाफ 43 रन बनाए थे और शुक्रवार को अफगानिस्तान के खिलाफ महत्वपूर्ण पारी खेलकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाया।
सलामी बल्लेबाज फखर जमां यहां टीम के पहले मैच में फ्लॉप रहे, जो पिछले साल चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ मैच विजयी शतक जड़कर सुर्खियों में आए थे।
फखर इसकी भरपाई करना चाहेंगे, उनके अलावा बाबर आजम, सरफराज और इमाम उल हक भी बेहतरीन बल्लेबाजी की कोशिश में जुटे होंगे।
पाक के लिए पेसर आमिर की फॉर्म चिंता का विषय
पाकिस्तान के लिए चिंता का कारण उनके मुख्य गेंदबाज मोहम्मद आमिर की फॉर्म है जो हाल के दिनों में ज्यादा विकेट हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
बाएं हाथ का यह तेज गेंदबाज ग्रुप मैच में भारत के खिलाफ अच्छा नहीं कर सका और अफगानिस्तान के खिलाफ उसे नहीं खिलाया गया। अगर टीम को अच्छा खेल दिखाना है तो हसन अली और उस्मान खान को अपने खेल में सुधार करना होगा।
टीमें इस प्रकार हैं :
भारत :
रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन, अम्बाती रायडू, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, मनीष पांडे, केदार जाधव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद, सिद्धार्थ कौल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रविंद्र जडेजा, दीपक चाहर।
पाकिस्तान :
फखर जमां, इमाम उल हक, बाबर आजम, शान मसूद, सरफराज अहमद (कप्तान), शोएब मलिक, हारिस सोहेल, शदाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, हसन अली, जुनैद खान, उस्मान खान, शाहीन अफरीदी, आसिफ अली और मोहम्मद आमिर।
(इनपुट-एजेंसी)