At some point you won’t do well and that’s the time you reflect: Kuldeep Yadav
(IANS)

भारतीय क्रिकेट टीम के चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव का कहना है कि जब हालात उनके पक्ष में नहीं जाते हैं तो वो अपनी गलतियों पर ध्यान देते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में एक भी मैच नहीं खेल सके कुलदीप के इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद है।

26 साल के कुलदीप ने पूरे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर केवल एक वनडे मैच खेला था। 5 फरवरी से शुरु होने वाली चार मैचों की सीरीज में कुलदीप को चोटिल रवींद्र जडेजा की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जा सकता है।

आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स की वेबसाइट को दिए बयान में कुलदीप ने कहा, “ऐसा समय आता है जब आप अच्छा नहीं कर पाते हैं और तब वो समय होता है जब आपको अपनी गलतियों पर ध्यान देना होता है और अनुभव हासिल करना होता है। ताकि आप आगे भविष्य में वो गलतियां ना करें।”

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केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही नहीं आईपीएल में भी कुलदीप के प्रदर्शन में गिरावट आई है। कुलदीप ने साल 2019 के आईपीएल सीजन में खेले 9 मैचों में मात्र 9 चार विकेट लिए थे, जबकि पिछले साल यूएई में खेली गए आईपीएल सीजन में उन्हें एक ही मैच खेलने का मौका मिला था।

इस बारे में कुलदीप ने कहा, “मैं पिछले सात सालों से केकेआर के लिए खेल रहा हूं और सीनियर खिलाड़ी के तौर पर मुझे लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है। ये चुनौतीपूर्ण है लेकिन आपको खुद को अपडेट करते रहना होता है ताकि आप एक पैमाने पर बने रहें। ये बेहद अहम है क्योंकि फैंस की उम्मीदों के साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट बेहद प्रतिद्वंद्वी होता है।”

कुलदीप का कहना है कि उम्मीदों का दबाव उन्हें नर्वस करता है। उन्होंने कहा, “ये एक तरह का दबाव है और जाहिर है कि ये मुझे नर्वस बनाता है क्योंकि मैं हर मैच में टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं। कभी ये काम करता है, कभी नहीं। इससे आपको कुछ सबक भी सीखने को मिलते हैं चूंकि जब आप अच्छा करते हैं तो आप शांत रहते हैं और जब आप अच्छा नहीं कर पाते हैं तो आपको अपनी गलतियों पर काम करने का मौका मिलता है। इसी से आप सीख लेते हैं और क्रिकेट ऐसा खेल हैं जहां आप हमेशा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं।”