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उधार के जूतों से आईपीएल तक का सफर, आकिब नबी ने इरफान पठान को दिया क्रेडिट

आकिब नबी ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत पहले टेनिस बॉल से की थी. इसके साथ ही उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर के लिए खेलने में इरफान पठान ने काफी मदद की.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - April 3, 2026 10:43 PM IST

मुंबई: आकिब नबी का नाम बीते कुछ वक्त में काफी सुना जा रहा है. हो भी क्यों ना. आखिर जम्मू-कश्मीर के इस पेसर ने प्रदर्शन ही ऐसा किया है. उन्होंने क्रिकेट की अपनी शुरुआती जिंदगी और प्रेरणा के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनका बचपन क्रिकेट खेलने में बीता और उन्होंने अपने आदर्श डेल स्टेन और परवेज रसूल से बहुत प्रेरणा ली. उन्होंने बताया कि राज्य की तरफ से डेब्यू करने में पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने उनकी काफी मदद की.

आकिब नबी ने ‘जियोस्टार’ से बात करते हुए कहा, ‘मैंने 5वीं या छठी क्लास में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया था. बारामूला में प्रैक्टिस के लिए कोई खास जगह नहीं थी. इसी कारण हम सड़क पर या स्कूल के एक छोटे से मैदान में खेलते थे. जब मैं छोटा था, तो मैं डेल स्टेन को बहुत देखता था. जिस तरह से वह इतनी तेज रफ्तार से गेंद को स्विंग कराते थे, उससे मुझे तेज गेंदबाज बनने की प्रेरणा मिली और उम्मीद है कि एक दिन मैं भारत के लिए खेलूंगा. लगातार क्रिकेट खेलने के लिए मेरे पिता मुझे बहुत डांटते थे. मुझे उनका साथ नहीं मिला था. वह चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं.’

परवेज रसूल और इरफान पठान से मिली प्रेरणा

परवेज रसूल और इरफान पठान से मिली प्रेरणा के बारे में नबी ने कहा, ‘परवेज रसूल ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए अच्छा प्रदर्शन करके भारत के लिए डेब्यू किया था. उन्हें ऐसा करते देखकर मुझे भारत के लिए खेलने की बहुत प्रेरणा मिली. परवेज भाई हममें से ही एक हैं, जो जम्मू-कश्मीर के एक स्थानीय गांव से आते हैं. मैंने पहली बार अपनी पहचान तब बनाई, जब मैं अंडर-19 टीम में था और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के ट्रायल्स के लिए चुना गया. उस समय मेरे पास स्पाइक्स वाले जूते नहीं थे, इसलिए मैंने एक सीनियर से जूते उधार लिए.’

आकिब नबी ने बताया, ‘मैंने जम्मू-कश्मीर के लिए अपना जूनियर डेब्यू उन स्पाइक्स को पहनकर किया, जो मैंने एक दोस्त से उधार लिए थे. जब इरफान भाई जम्मू-कश्मीर टीम के मेंटर बने, तब मैं अंडर-23 टीम में था और वहां मेरे प्रदर्शन ने उनका ध्यान खींचा. उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सीनियर टीम में मेरा डेब्यू करवाने में मदद की. वह मुझे टिप्स देकर बहुत गाइड करते थे और बहुत मददगार थे. वह टीम इंडिया के एक दिग्गज खिलाड़ी हैं, और उनके साथ मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा.’

पिछले साल दुबई में हुए मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने नबी को 8.2 करोड़ रुपए में खरीदा था. दलीप ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद आईपीएल ऑक्शन में चुने जाने के उस भावुक पल के बारे में नबी ने कहा, ‘इस साल मैंने नॉर्थ जोन टीम की तरफ से खेलते हुए दलीप ट्रॉफी में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया. मैंने लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लिए. उसके बाद मीडिया में हर जगह मेरा ही नाम था. जब ऐसा हुआ, तो मुझे भरोसा हो गया कि शायद मैं आईपीएल ऑक्शन में चुन लिया जाऊंगा.’

उन्होंने बताया कि जब ऑक्शन हो रहा था तो उस वक्त वह क्या कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘ऑक्शन के दिन मैं अपने परिवार के साथ घर पर था और ऑक्शन देख रहा था. जब मेरा नाम आया, तो कुछ सेकंड तक किसी ने पैडल नहीं उठाया. इसलिए मैंने सोचा कि कोई बात नहीं, मैं और मेहनत करूंगा और यह पक्का करूंगा कि मैं बिना बिके न रहूं. हालांकि, कुछ सेकंड बाद ही, टीमों ने पैडल उठा लिए. घर पर मौजूद हर कोई भावुक हो गया. यह सालों की मेहनत का फल था. कीमत का कोई दबाव नहीं है. मैं बस आईपीएल में खेलना चाहता था और अब मैं अपना नाम बनाना चाहता हूं और भारत के लिए खेलना चाहता हूं.’