Australian cricket coach Justin Langer reveals how a health scare during WC 2019 almost forced him to quit
जस्टिन लैंगर @ Getty Images

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने खुलासा किया कि पिछले साल वो इतने ज्यादा बीमार हो गए थे कि उन्होंने अपना पद छोड़ने तक का फैसला कर लिया था। 50 साल के लैंगर ने बताया कि इंग्लैंड में हुए विश्व कप के दौरान उन्हें अचानक से टिनिटस, वर्टिगो और वेस्टिबुलर माइग्रेन की समस्या हो गई।

वेस्ट ऑस्ट्रेलियन अखबर को बुधवार को दिए बयान में लैंगर ने कहा, “मुझे टिनिटस हो गया है और अब ये स्थाई है है। मुझे बार बार वर्टिगो भी हो रहा था, ये खतरनाक था। लगभग 10 महीनों तक, ऐसा लग रहा था मानों मैं समुद्र में बीचोंबीच हूं और नशे में हूं। मेरे काम के दौरान मुझे हमेशा अपनी तकलीफ छुपानी होती थी लेकिन इसका असर दिखाई दे रहा था।”

बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद मुश्किल में दिख रही ऑस्ट्रेलिया टीम के कोच का पद संभालने वाले लैंगर ने बताया कि इन बीमारियों से परेशान होकर उन्होंने अपना पद छोड़ने का फैसला कर लिया था।

उन्होंने कहा, “मैं ऐसी जगह पर पहुंच गया था, जहां मैं इतना बीमार महसूस कर रहा था और कोई जवाब नहीं मिल रहे थे। मुझे नहीं लग रहा था कि मैं अपना काम कर पाउंगा क्योंकि में बेहद ज्यादा तनाव में था।”

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लैंगर ने वर्टिगो से निपटने के लिए फीजियोथैरेपी की मदद ली और माइग्रेन का इलाज भी करवाया लेकिन टिनटिस का इलाज नहीं हो पाया है। लैंगर को लगा कि उनके कान में ट्यूमर है, जैसा कि 25 साल पहले उनके पिता को हुआ था लेकिन इंग्लैंड में स्कैन के बाद उनकी आशंका दूर हुई।

उन्होंने कहा, “ये बेहद अजीब था, ये एकदम अचानक हो गया। हम इंग्लैंड में विश्व कप खेलने गए और एक दिन मैं उठा और ऐसा लग रहा था जैसा कि स्टार वार्स में दो लाइटसेबर के आपस में टकराने पर लगता था।”

ऑस्ट्रेलियाई कोच लैंगर ने कहा कि वो नहीं जानते है कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ लेकिन उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान उन्हें कई बार (सिर पर) गेंद लगी थी। उनकी इन समस्याओं ने उन्हें पर्थ स्थित कान विज्ञान संस्थान का नया एम्बेसेडर बना दिया।