Australian Pacers Pat Cummins, Josh Hazlewood reacts on possible saliva ban
जॉश हेज़लवुड, नाथन लियोन, मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस (AFP)

कोविड-19 के बाद खेल क्रिकेट शुरू होने के बाद गेंदबाज गेंद को चमकाने के लिए सलाइवा का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। दरअसल आईसीसी की क्रिकेट समिति गेंद पर सलाइवा के उपयोग को बंद करने की कोशिश में है। अब ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों पैट कमिंस और जॉश हेजलवुड ने इस संभावित बैन पर प्रतिक्रिया दी है।

हेजलवुड का कहना है कि आईसीसी को सलाइवा के उपयोग को बंद करने में काफी मुश्किल आएगी। वहीं नंबर एक टेस्ट गेंदबाज कमिंस ने कहा कि जब सलाइवा का उपयोग बंद होना तय है तो गेंद को चमकाने के लिए विकल्प ढूंढने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने कमिंस के हवाले से लिखा, “अगर हम सलाइवा हटा देते हैं तो हमारे पास कुछ अन्य विकल्प होने ही चाहिए। पसीने का इस्तेमाल करना बुरा नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें कुछ और चीज की जरूरत होगी। चाहे वो कुछ भी हो वैक्स, या कुछ और, मुझे नहीं पता।”

दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कहा, “अगर विज्ञान हमसे कह रहा है कि सलाइवा का इस्तेमाल जोखिम भरा होगा तो हमें अन्य विकल्पों को खुला रखना चाहिए, चाहे वो पसीना हो या कोई अर्टिफिशियल चीज। हमें किसी तरह गेंद को चमकाना होगा और मैं इस बात से खुश हूं कि उन्होंने पसीने के उपयोग को मंजूरी दी है। हमें इस बात को सुनिश्चत करना होगा कि स्पैल की शुरुआत से पहले हमें पसीना आ रहा हो और हम अच्छी तरह से वार्म अप हों।”

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सिडनी डेली टैलीग्राफ ने हेजलवुड के हवाले से लिखा, “जाहिर सी बात है कि मैं सलाइवा का उपयोग करना पसंद करूंगा, लेकिन अगर वो लोग यही चाहते हैं। मुझे लगता है कि हर कोई एक ही खेल खेल रहा है।”

उन्होंने कहा, “एक बार जब गेंद गेंदबाज के पास आएगी, आप उस पर कुछ देखते हैं तो गेंद को चमकाना और उसे बनाना खिलाड़ी का स्वाभाव है। इसे लागू करना काफी मुश्किल है। साथ ही इस पर नजर बनाए रखना भी काफी मुश्किल है।”