Australian skipper Tim Paine on verge of Ashes landmark
टिम पेन (IANS)

इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी मैच में जीत दर्ज करने के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन वो उपलब्धि हासिल कर लेंगे जो ग्रैग चैपल, रिकी पॉन्टिंग और माइकल क्लार्क जैसे पूर्व दिग्गज भी हासिल नहीं कर पाए।

ऑस्ट्रेलिया अगर गुरुवार को केनिंग्टन ओवल में होने वाले चौथे एशेज टेस्ट में जीत हासिल कर लेती है तो पेन इंग्लैंड में एशेज सीरीज जीतने वाले दूसरे कप्तान बने जाएंगे। 18 साल पहले स्टीव वॉ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को उसके घर में 4-1 से एशेज सीरीज हराई थी। जिसके बाद से कोई कंगारू कप्तान इस कीर्तिमान को हासिल नहीं कर पाया है।

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने की दहलीज पर खड़े पेन ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि वो कभी इस कीर्तिमान के करीब पहुंच सकेंगे। जिन हालातों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया टीम की कमान संभाली वो साधारण नहीं कहे जा सकते।

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दक्षिण अफ्रीका दौरे पर खेले गए केपटाउन टेस्ट में हुए बॉल टैंपरिंग विवाद के बाद स्टीव स्मिथ को कप्तान और डेविड वार्नर को उप कप्तान पद से हटाए जाने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पेन को टीम की कप्तानी सौंप दी।

साल 2010 में पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट से डेब्यू करने वाले पेन साल 2017 में संन्यास लेकर क्रिकेट उपकरण बनाने वाले कंपनी में नौकरी करने के बारे में सोच रहे थे। लेकिन स्मिथ और वार्नर पर लगे एक साल के बैन ने उनकी किस्मत पलट दी।

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मैनचेस्टर टेस्ट में 185 रन से जीत दर्ज कर एशेज रीटेन करने के बाद जब पेन से पूछा गया ये जीत निजी तौर पर उनके लिए क्या मायने रखती है तो कप्तान ने कहा, “मेरा सपना यहां आकर एशेज जीतने का था। मैं निश्चित रूप से एशेज जीतने वाला कप्तान नहीं बनना चाहता था। मैं केवल इसका हिस्सा बनकर ही खुश हूं, मैं शायद कूकाबुरा में काम कर रहा होता तो ये उतना बुरा नहीं है।”