रांची टी20 का सबसे 'लकी बल्लेबाज', 1 ओवर में मिले 3 जीवनदान

टीम इंडिया ने पहला टी20 9 विकेट से जीतते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

Edited By : Devbrat Bajpai |Oct 08, 2017, 09:56 AM IST

Published On Oct 08, 2017, 09:56 AM IST

Last UpdatedOct 08, 2017, 09:56 AM IST

© AFP (File Photo)
© AFP (File Photo)

टीम इंडिया ने भले ही रांची टी20 में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराते हुए टी20 सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली हो। लेकिन इस मैच में टीम इंडिया की फील्डिंग की पोल खुल गई है। पारी के 15वें ओवर में टीम इंडिया के फील्डरों ने टिम पेन को 3 जीवनदान दिए। एक जीवनदान फिर भी चलता है लेकिन 3, ये कुछ ज्यादा नहीं हो गया। बात ऑस्ट्रेलियाई पारी के 15वें ओवर की है। ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 92/6 हो चुका था। गेंदबाजी कर हे थे स्पिनर युजवेंद्र चहल।

पहला जीवनदान: चहल की पहली गेंद पर टिम पेन ने स्ट्रोक लगाने की कोशिश की लेकिन शॉट खेलते वक्त उनके बल्ले का मुंह बंद हो गया और बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगती हुई गेंद चहल के बाईं ओर हवा में उठ गई, चहल दौड़े और डाइव लगाते हुए गेंद को लगभग कैच भी कर लिया था लेकिन जैसे ही वह जमीन पर गिरे गेंद हाथ से छिटक गई। इस तरह से टिम पेन को 2 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर पहला जीवनदान मिला।

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दूसरा जीवनदान: 15वें ओवर की ही पांचवीं गेंद जो चहल ने फ्लाइटेड लेग ब्रेक फेंकी। उसपर पेन ने पैडल करने की कोशिश की लेकिन पूरी तरह से चूक गए। इस दौरान पेन अपनी क्रीज के बाहर थे, लेकिन एमएस धोनी स्टंपिंग करने से चूक गए और इस तरह से पेन एक ओवर में दूसरी बार आउट होने से बच गए।

तीसरा जीवनदान: चहल के ओवर की आखिरी गेंद जो शॉर्ट थी, उसे पेन ने डीप मिड विकेट क्षेत्र में पुल कर दिया, गेंद सीधे भुवनेश्वर के हाथों में गई लेकिन भुवी के हाथों से गेंद छूट गई और पेन को एक ही ओवर में तीसरा जीवनदान मिल गया। [ये भी पढ़ें: रांची टी20 में टीम इंडिया की जीत, ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया]

इतने साले जीवनदान मिलने के बाद पेन ने अगले ओवर में 1 छक्का और 1 चौका लगाया। लेकिन अच्छी बात ये रही कि वह ज्यादा देर तक टिके नहीं रह सके और 17 रन बनाकर आउट हो गए। इस जीवनदान के बाद जाहिर है कि पेन अपने आपको सातवें आसमान पर महसूस कर रहे होंगे। बहरहाल, टीम इंडिया की फील्डिंग की पोल जरूर खुल गई है। आप इस फील्डिंग के साथ वर्ल्ड कप 2019 जीतने का दावा नहीं कर सकते क्योंकि एक कैच भी बहुत महंगा साबित हो जाता है।

उदाहरण के तौर पर साल 1999 वर्ल्ड कप में हर्षल गिब्स ने एक लीग मैच में स्टीव वॉ का एक कैच छोड़ा था और उसी छूटे हुए कैच को भुनाते हुए वॉ ने उस मैच को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उस जीते हुए मैच ने ही उन्हें वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचाया और वे वर्ल्ड कप जीतने में सफल रहे। इसमें कोई दो राय नहीं है कि टीम इंडिया मौजूदा समय की सबसे उभरती टीम है लेकिन 2019 वर्ल्ड कप के पहले जो रही सही कमियां हैं उन्हें जरूर पाटने की जरूरत है तभी बात बन पाएगी।

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