भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का कहना है कि 2011 वर्ल्ड कप (2011 World Cup) खिताब टीम इंडिया की ओर से दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के लिए तोहफा था. भारत ने फाइनल में श्रीलंका (India vs Sri Lanka Final) को हराकर 28 साल बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था.

भारतीय ओपनर मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal) के शो ओपन नेट्स विद मयंक में कोहली ने मैदान के अंदर और बाहर की कई सारी चीजों पर बात की. इस शो के दूसरे  वीडियो में, जो बीसीसीआई ने बीसीसीआई डॉट टीवी पर अपलोड किया है, मयंक ने कोहली से कप्तान द्वारा सलामी बल्लेबाज को 2018 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चुनने के बारे में पूछा.

‘अबे तूने मुझे अपनी तारीफ करने के लिए बुलाया है क्या यहां पर’

कोहली ने मजाक में कहा, ‘अबे तूने मुझे अपनी तारीफ करने के लिए बुलाया है क्या यहां पर. शो पर बुलाऊंगा और अपनी तारीफ करवाऊंगा. मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह होती है कि एक इंसान का खेल के प्रति रवैया क्या होता है. उदाहरण के तौर पर जब तुमने ओपनिंग की थी, हमने तुम्हारे साथ में हनुमा विहारी को भी ओपनिंग के लिए भेजा था.. हमने विहारी को देखा था कि वह कैसे खेलते हैं. वह गेंद पर आगे आते हैं, वह बहादुर हैं और उन्हें अपने ऊपर भरोसा रहता है.’

उन्होंने कहा, ‘पहला मौका जब उनके सामने आया तो उन्होंने कहा कि मैं करूंगा. यह मेरे लिए किसी और चीज से ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि मैंने भारत के लिए अपनी पहली सीरीज में ओपनिंग की थी और इससे पहले मैंने कभी ओपनिंग नहीं की थी. मैंने मौकों को हां कहा और चीजें मेरी बेहतरी के लिए हुईं. इसलिए जो खिलाड़ी मुश्किल स्थिति में जाता है वह या तो अपना सिर ऊंचा करके आएगा या कुछ सीख के आएगा. हार नहीं होती.’

‘मैं जानता था कि तुम अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाजों को खेल सकते हो’

कोहली ने कहा, ‘मैंने तुम्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (Royal Challengers Bangalore) में खेलते हुए देखा था और मैं जानता था कि तुम अंतर्राष्ट्रीय गेंदबाजों को खेल सकते हो. तुम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी लंबे समय से अच्छा कर रहे थे.’ मंयक ने कप्तान से 2011 विश्व कप के उस मशहूर फोटो के बारे में पूछा, जिसमें वह ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद सचिन तेंदुलकर (Victory Lap) को उठा रहे हैं.

‘हम सभी की भावनाएं ‘पाजी’ पर केंद्रित थीं’

कोहली ने कहा, ‘सबसे पहली भावना तो कृतज्ञता की थी कि हम विश्व कप जीत सके. हम सभी की भावनाएं ‘पाजी’ पर केंद्रित थीं, क्योंकि हम जानते थे कि यह उनका विश्व कप जीतने का आखिरी मौका है.’

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने इतने वर्षो इस देश के लिए जो किया, जितने मैच जीते, उससे हमें प्ररेणा मिलती है. वो हमारी तरफ से उन्हें तोहफा था. इससे पहले, वह सिर्फ तोहफे दे रहे थे, लेकिन उस समय यह मकसद पूरा होने जैसा था.’