नस्लवाद के आरोप के बाद अजीम रफीक को ब्रिटेन छोड़ने के लिए होना पड़ा मजबूर

नस्लवाद की लड़ाई लड़ रहे अजीम रफीक ने कहा था क सात-आठ महीने से अलग-अलग कानूनी टीमों की पूछताछ से उनका परिवार एक सदमें से गुजर रहा है

Edited By : Cricket Country Staff |Dec 14, 2022, 03:33 PM IST

Published On Dec 14, 2022, 03:33 PM IST

Last UpdatedDec 14, 2022, 03:33 PM IST

Azeem Rafiq

Azeem Rafiq (Photo-IANS)

यॉर्कशायर काउंटी क्रिकेट क्लब (सीसीसी) में पिछले साल नस्लवाद के आरोपों के बाद 31 साल के ब्रिटिश-पाकिस्तानी पूर्व क्रिकेटर अजीम रफीक को ब्रिटेन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है. हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि वह अभी कहां हैं.

हालांकि, दूसरी बार एक ब्रिटिश संसदीय प्रवर समिति से बात करते हुए रफीक ने कहा कि उन्हें धमकियों और दुर्व्यवहार के साथ देश से बाहर निकाल दिया गया. उन्होंने सांसदों से कहा कि उन्हें अब इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से 24/7 सुरक्षा मिलती है और उन्होंने यॉर्कशायर पोस्ट अखबार पर अपने और अपने परिवार के अपमान के लिए ‘जिम्मेदार’ होने का आरोप लगाया है.

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यॉर्कशायर पोस्ट ने मीडिया को बताया कि उसने कहानी के सभी पक्षों को बताने की कोशिश में निष्पक्षता और व्यावसायिकता के समान नियम लागू किए. ईसीबी ने कहा कि नवीनतम सुनवाई दिखा रही है कि क्रिकेट में व्यापक बदलाव की आवश्यकता क्यों है. भारतीय मूल के कमलेश पटेल को पिछले साल यॉर्कशायर सीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. ईसीबी ने स्वीकार किया कि पटेल द्वारा प्राप्त नस्लवादी दुर्व्यवहार के स्तर को देखकर वह चकित थे.

बता दें कि नस्लवाद की लड़ाई लड़ रहे अजीम रफीक ने कहा था क सात-आठ महीने से अलग-अलग कानूनी टीमों की पूछताछ से उनका परिवार एक सदमें से गुजर रहा है. यॉर्कशायर काउंटी टीम के खिलाफ रफीक ने पहली बार सितंबर 2020 में नस्लीय व्यवहार का आरोप लगाया था.

इनपुट- आईएएनएस

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