पाकिस्तान क्रिकेट में फिर नया बवाल, अजहर अली का राष्ट्रीय चयन समिति के पद से इस्तीफा, वजह का भी खुलासा

अजहर अली ने इस हफ्ते की शुरुआत में बोर्ड को अपना इस्तीफा भेजा था और इसे स्वीकार कर लिया गया है.

Edited By : Akhilesh Tripathi |Nov 20, 2025, 02:09 PM IST

Published On Nov 20, 2025, 02:09 PM IST

Last UpdatedNov 20, 2025, 02:09 PM IST

Pakistan cricket team

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पाकिस्तान में जारी त्रिकोणीय सीरीज के बीच नया बवाल सामने आया है. पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट कप्तान अजहर अली ने राष्ट्रीय चयन समिति के पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके अलावा उन्होंने र राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के युवा विकास विभाग के प्रमुख का पद भी छोड़ दिया है. उनके इस्तीफे की वजह सामने नहीं आई है, मगर कहा जा रहा है कि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली से काफी नाराज थे.

पाकिस्तान के लिये 97 टेस्ट खेल चुके अजहर पिछले साल ही चयनकर्ता बने थे. अली के एक भरोसेमंद सूत्र ने कन्फर्म किया कि उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को अपना इस्तीफा भेज दिया, क्योंकि एक और पूर्व टेस्ट कैप्टन सरफराज अहमद को पाकिस्तान शाहीन्स और अंडर-19 टीमों का पूरा कंट्रोल दे दिया गया था. सूत्र के मुताबिक, अजहर ने इस हफ्ते की शुरुआत में बोर्ड को अपना इस्तीफा भेजा था और इसे स्वीकार कर लिया गया है.

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सरफराज खान के शाहीन्स और अंडर-19 क्रिकेट की कमान संभालने से नाराजगी !

97 टेस्ट खेलने वाले अजहर ने पिछले साल सिलेक्टर और यूथ डेवलपमेंट हेड के तौर पर अपना कार्यकाल शुरू किया था, लेकिन सूत्र ने बताया कि वह बोर्ड में काम करने के तरीके से काफी परेशान हो रहे थे, काम करने का रेड-टेप स्टाइल उन्हें परेशान करता था, साथ ही यह बात भी कि एकेडमी में युवा क्रिकेटरों को तैयार करने के उनके कुछ प्रपोजल को आगे नहीं बढ़ाया गया. अजहर तब निराश हुए जब अचानक बोर्ड ने उनसे बात किए बिना शाहीन्स और अंडर-19 क्रिकेट के सभी मामले सरफराज को सौंपने का फैसला किया.

उन्होंने आगे कहा, अज़हर को लगा कि अब जब सरफ़राज़ को शाहीन और अंडर-19 टीमों को चलाने के लिए कहा गया है, तो यूथ डेवलपमेंट के हेड के तौर पर उनकी ज़्यादातर ज़िम्मेदारियाँ उनकी मर्ज़ी के बिना छीन ली गई हैं, इसलिए उन्होंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया.

सरफ़राज़, जो बोर्ड के साथ पहले मेंटर और फिर क्रिकेट मामलों के सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे, उन्हें पिछले हफ़्ते दोनों टीमों की ज़िम्मेदारी लेने और कोच के प्रदर्शन, सिलेक्शन मामलों, ट्रेनिंग कैंप के आयोजन सहित सभी पहलुओं की देखरेख करने के लिए कहा गया था और उन्हें टीमों के साथ यात्रा करने का अधिकार भी दिया गया था.

पीसीबी में नया नहीं है यह विवाद

हाल के सालों में पीसीबी में विदेशी खिलाड़ियों सहित पुराने खिलाड़ियों और कोचों का अपना कॉन्ट्रैक्ट पूरा न करने, या तो छोड़ने या नौकरी से निकाले जाने का इतिहास रहा है. हाल ही में PCB ने वर्ल्ड कप में हार के बाद महिला टीम के हेड कोच के तौर पर मुहम्मद वसीम का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया, जहां टीम आठ टीमों में सबसे नीचे रही थी.

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