नसीम शाह के छक्के ने मुझे मियांदाद के छक्के की याद दिला दी, जीत के बाद बोले कप्तान बाबर
अफगानिस्तान के खिलाफ 1 विकेट से जीत हासिल करने के बाद पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम ने नसीम के छक्के की तुलना जावेद मियांदाद की शारजाह में भारत के खिलाफ 1986 में आखिरी गेंद पर लगाये छक्के से की।
Published On Sep 08, 2022, 01:44 AM IST
Last UpdatedSep 08, 2022, 01:44 AM IST
ACC
शारजाह। अफगानिस्तान के खिलाफ एशिया कप टी20 टूर्नामेंट के ‘सुपर फोर’ चरण में एक विकेट की रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने बुधवार को कहा कि उन्हें 10वें क्रम के बल्लेबाज नसीम शाह पर भरोसा था।
पाकिस्तान को 20वें ओवर में जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी और क्रीज पर उसकी आखिरी जोड़ी थी। नसीम ने फजलहक फारूकी की शुरुआती दो गेंदों पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को यादगार जीत दिला दी।
मैच के बाद बाबर ने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘सच कहूं तो ड्रेसिंग रूम में काफी तनावपूर्ण माहौल था। हम पिछले कुछ मैचों की तरह इस मुकाबले में भी साझेदारियां नहीं बना सके। नसीम ने हालांकि जिस तरह से मैच खत्म किया, उसके बाद आप सकारात्मक माहौल को महसूस कर सकते है।’’
🗣️ Belief in his batting ability and exchanging the bat with @MHasnainPak – @iNaseemShah reflects on his match-winning sixes ✨#AsiaCup2022 | #AFGvPAK pic.twitter.com/sxuxu1359u
— Pakistan Cricket (@TheRealPCB) September 7, 2022
उन्होंने नसीम के छक्के की तुलना जावेद मियांदाद की इसी मैदान में भारत के खिलाफ 1986 में आखिरी गेंद पर लगाये छक्के से करते हुए कहा, ‘‘ मैंने नसीम को इस तरह बल्लेबाजी करते देखा है, इसलिए मुझे थोड़ा विश्वास था। इसने मुझे इसी मैदान पर मियांदाद के द्वारा लगाये छक्के की याद दिला दी।’’
उन्होंने अफगानिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘राशिद (खान), मुजीब (उर रहमान) और (मोहम्मद) नबी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक हैं इसलिए आपको उनके खिलाफ समझदारी से जोखिम लेने की जरूरत होती है। हमारी योजना मैच को आखिरी ओवर तक ले जाने की थी।
अफगानिस्तान के कप्तान मोहम्मद नबी ने टीम के गेंदबाजों की तारीफ की लेकिन मैच को सही तरीके खत्म नहीं करने पर निराशा जतायी। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे खिलाड़ियों गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में कमाल का प्रदर्शन किया। हम फिर से मैच को अपने पक्ष में खत्म करने में नाकाम रहे। हमने किसी भी स्तर पर हार नहीं मानी थी। मैंने आखिरी ओवर में फारूखी से सटीक यॉर्कर या धीमी बाउंसर डालने के लिए कहा था।’’