- क्रिकेट न्यूज़
- News
- Badminton kidambi srikanth needs to cut down on errors to be more consistent says pullela gopichand 5148457
वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतने वाले Kidambi Srikanth से कोच पुलेला गोपीचंद गदगद, बताया- अगले साल का रोडमैप
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले किदांबी श्रीकांत पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं.
Published On Dec 21, 2021, 01:39 PM IST
Last UpdatedDec 21, 2021, 01:39 PM IST
वर्ल्ड चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने वाले किदाम्बी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) के प्रदर्शन से मुख्य बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) बहुत खुश हैं. उन्होंने श्रीकांत की तारीफ करते हुए उन्हें अगले साल के मिशन पर तैयार रहने की सलाह भी दी है. गोपीचंद ने कहा उनका अगला साल व्यस्त रहेगा और ऐसे में उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने के लिए गलतियों पर काबू रखना होगा.
दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी श्रीकांत ने रविवार को वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता और यह कमाल करने वाले वह भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए. श्रीकांत फाइनल में 9-3 और 18-16 की बढ़त बनाने के बावजूद लो कीन यू से हार गए..
गोपीचंद ने पीटीआई से कहा, ‘मैच दर मैच श्रीकांत के प्रदर्शन में निखार आता गया. इस साल की शुरुआत में उनके भीतर आत्मविश्वास नहीं था लेकिन ली जी जिया और केंतो मोमोता जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन से उसका आत्मविश्वास बढ़ता चला गया.’
उन्होंने कहा, ‘उनका फॉर्म समय पर लौट आया लेकिन अगले साल राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल जैसे कई बड़े टूर्नामेंट होने हैं और उन्हें अपनी गलतियों पर काबू करना होगा ताकि इनमें अच्छा प्रदर्शन कर सके.’
श्रीकांत ने पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल खिताब जीता और मिश्रित टीम स्वर्ण भी अपने नाम किया था. उन्होंने 2017 में पांच में से चार सुपर सीरिज खिताब जीते थे. ऐसा कारनामा ली चोंग वेइ, लिन डैन और चेन लोंग जैसे खिलाड़ी ही कर सके थे. साल के आखिर में हालांकि फ्रेंच ओपन में उनके घुटने में चोट लगी जो राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के दौरान बढ गई.
उन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में स्वर्ण पदक जीता और अप्रैल में एक सप्ताह के लिए दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी रहे. घुटने और एड़ी की चोट के कारण वह हालांकि तोक्यो ओलंपिक नहीं खेल सके चूंकि कोरोना महामारी के कारण तीन क्वालीफायर रद्द हो गए थे.
गोपीचंद ने कहा, ‘लगातार टूर्नामेंट होने के कारण कई बार खिलाड़ी के लिए चोट से उबरना मुश्किल हो जाता है. श्रीकांत के साथ भी ऐसा ही हुआ चूंकि उन्होंने ओलंपिक क्वॉलीफिकेशन के कारण वापसी में जल्दबाजी की.’
उन्होंने कहा, ‘स्पेन में उन्हें तीन गेम के मैच खेलते देखकर अच्छा लगा. वह सुदीरमन कप से लगातार खेल रहे हैं जो अच्छा संकेत है.’
भारत के तीन खिलाड़ी विश्व चैम्पियनशिप के क्वॉर्टर फाइनल में पहुंचे थे. एचएस प्रणॉय क्वॉर्टर फाइनल में हार गए, जबकि लक्ष्य सेन सेमीफाइनल तक पहुंचे जिसमें उन्हें श्रीकांत ने हराया.
गोपीचंद ने कहा, ‘इन खिलाड़ियों को अंतिम आठ में पहुंचते देखकर अच्छा लगा. लक्ष्य और प्रणॉय ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. आगामी अहम सत्र से पहले यह शुभ संकेत हैं.’