Ball-tampering is an international problem say australian coach Justin Langer
Australia coach in Justin Langer @Getty Images

ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने दावा किया है कि बॉल टैंपरिंग अंतरराष्ट्रीय समस्या है। इसका एक कारण मददगार पिचों का नहीं होना है। उन्होंने हालांकि साथ ही कहा कि उनके मार्गदर्शन में कभी ऐसी घटना नहीं हुई।

इस साल दक्षिण अफ्रीका में बॉल टैंपरिंग कांड के बाद डेरेन लीमैन के पद छोड़ने पर कोच बनाए गए पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज लैंगर टीम के बर्ताव में सुधार करने और उसे सम्मान वापस दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

लैंगर ने कहा कि जब उन्हें यह पता चला कि केपटाउन में तीसरे टेस्ट के दौरान गेंद के हालात बदलने के लिए जानबूझकर खिलाड़ी रेगमाल मैदान पर लेकर गए तो वह स्तब्ध थे। लेकिन उन्होंने कहा कि यह एकमात्र घटना नहीं है। बुधवार शाम फाक्स स्पोर्ट्स पर टीम के अपने पूर्व साथी एडम गिलक्रिस्ट को दिए साक्षात्कार में लैंगर ने कहा, ‘‘मुझे एक सेकेंड के लिए भी समझ नहीं आया कि हम मैदान पर रेगमाल कैसे ले गए। मेरी नजर में इसमें कोई समझदारी नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हालांकि यह पता है कि लोगों के गेंद से छेड़छाड़ करने का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा है। यह असली चिंता है।’’

लैंगर ने कहा कि गेंद से छेड़छाड़ की समस्या का एक कारण दुनिया भर में बन रही प्रतिकूल पिचें भी हैं जिसके कारण अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भी ऐसा किया जाता है। गेंद की चमक को बरकरार रखने के लिए लार या पसीने का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन किसी भी तरह के बाहरी तत्व का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।

 

पीटीआई न्यूज