अनिल कुंबले की अगुआई वाली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने अपनी बैठक में कोविड-19 महामारी के चलते गेंद पर थूक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की सिफारिश की है. उधर, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली को लगता है कि महामारी के कम होने के बाद गेंद पर थूक के इस्तेमाल करने वाले आईसीसी के ताजा दिशानिर्देशों को लागू करना मुश्किल होगा.

‘रातोंरात बदला बहुत मुश्किल होगा’ 

आईसीसी ने शुक्रवार को जारी अपने दिशानिर्देशों में कहा कि गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

ली ने स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिेकेट कनेक्टिड’ पर कहा, ‘जब आपने आठ, नौ, 10 साल की उम्र से पूरी जिंदगी यही किया हो जिसमें आप अपनी ऊंगली को चाटकर लार गेंद पर लगाते हो, तो रातोंरात इसके बदलना भी बहुत मुश्किल होगा.’

‘आईसीसी को थोड़ी ढिलाई बरतनी होगी’

ली हालांकि उम्मीद करते हैं कि इस संबंध में विश्व क्रिकेट संस्था थोड़ी ढिलाई बरतेगी. उन्होंने कहा, ‘इसलिए मुझे लगता है कि एक आध बार ऐसा होगा या आईसीसी को थोड़ी ढिलाई बरतनी होगी क्योंकि ऐसा करने पर चेतावनी हो सकती है. यह अच्छी शुरूआत है, लेकिन इसे लागू करना बहुत मुश्किल होगा. मुझे ऐसा लगता है क्योंकि क्रिकेटरों ने पूरी जिंदगी ऐसा ही किया है.’

यहां तक कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर फाफ डु प्लेसिस भी ली से सहमत थे, उन्होंने कहा कि यही बात फील्डरों पर भी लागू होती है.

कोरोनावायरस के चलते खेल संबंधित गतिविधियां फरवरी के महीने से ही रुकी हुई हैं. माना जा रहा था कि क्रिकेट दोबारा शुरू होने की स्थिति में कुछ नए बदलाव किए जा सकते हैं. आईसीसी द्वारा जारी ताजा बयान में कहा गया है, ‘क्रिकेट समिति ने आईसीसी मेडिकल एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष डॉक्टर पीटर हारकोर्ट से लार के माध्यम से वायरस के संचरण के बढ़े हुए जोखिम के बारे में सुना. इसके बाद सर्वसम्मति से यह सिफारिश की गई कि गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग वर्जित होगा.