मैथ्यू रैनशॉ-डेविड वॉर्नर © AFP
मैथ्यू रैनशॉ-डेविड वॉर्नर © AFP

ऑस्ट्रेलियन सलामी बल्लेबाज मैथ्यू रैनशॉ का कहना है कि वह सीनियर खिलाड़ी डेविड वार्नर से स्पिन के खिलाफ खेलना सीख सकते हैं। उनकी टीम बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में हारकर क्लीन स्वीप का सामना नहीं करना चाहती। वार्नर ने ढाका में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान चौथी पारी में शतक जड़ सभी को चौंका दिया था। वार्नर ने अकेले पारी को संभाला जबकि दूसरी छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। वार्नर के संघर्ष के बाद भी ऑस्ट्रेलिया 20 रनों से ये मैच हार गई जिसके बाद कंगारू टीम को हर तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ा। 21 साल के मैथ्यू का कहना है कि वार्नर की शानदार बल्लेबाजों के साथ उनकी टीम पहले मैच से कई सकारात्मक बातें ले सकती हैं।

रैनशॉ ने कहा, “आप वार्नर की पहली पारी और दूसरी पारी की बल्लेबाजी में फर्क देख सकते हैं। गेंद को खेलना उनके लिए कितना आसान था, वह क्रीज का पूरा इस्तेामाल कर रहे थे। उपमहाद्वीप में बल्लेबाजी करने को लेकर आप कई तरह की बातें सुनते हैं। गेंद पर नजर रखें और पीछे जाकर लेट खेलने की कोशिश करें।” दूसरी पारी में रैनशॉ वार्नर का ज्यादा देर तक साथ नहीं दे पाए थे। हालांकि उनका कहना है कि वार्नर और उनकी सलामी जोड़ी एशेज में बेहतरीन साबित होगी। रैनशॉ ने आगे कहा, “मैं कोई गेंदबाज नहीं हूं लेकिन मेरे जितने लंबे और डेवी जैसे कम लंबाई के बल्लेबाज के सामने कौन सी लेंथ डालनी है ये सोचना गेंदबाज के लिए थोड़ा मुश्किल होता होगा। इसलिए यह काफी रोमांचक होगा।” [ये भी पढ़ें: श्रीलंका के खिलाफ पांचवें वनडे से पहले स्वदेश लौटेगा ये भारतीय खिलाड़ी]

ऑस्ट्रेलिया टीम की नजर दूसरा टेस्ट जीतकर बांग्लादेश से बदला लेने पर है। साथ ही इस दौरे से युवा खिलाड़ियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। रैनशॉ ने कहा कि वह इस काफी कुछ सीखने की कोशिश कर रहे हैं। इससे उनके करियर के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के भविष्य पर भी फर्क पड़ेगा।