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- Bangladesh vs Australia: Nathan Lion admits Chittagong Test to be the toughest match of career
नाथन लायन ने चटगांव टेस्ट को करियर का सबसे मुश्किल मैच बताया
बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन लायन ने 5 विकेट लिए हैं।
Published On Sep 04, 2017, 11:44 PM IST
Last UpdatedSep 04, 2017, 11:44 PM IST

ऑस्ट्रेलिया के बेहतरीन स्पिन गेंदबाज नाथन लायन ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले ही दिन 5 विकेट लेकर सनसनी मचा दी। ढाका में खेले गए पहले टेस्ट में 20 रनों से हारने के बाद कंगारू टीम के लिए ये करो या मरो जैसी स्थिति है। ऐसे में लायन का भी यही कहना है कि बांग्लादेश के खिलाफ दूसरा टेस्ट उनके करियर के सबसे मुश्किल मैचों में से एक है। क्रिकबज ने लायन के हवाले से लिखा, “ये मैच मेरे करियर के सबसे मुश्किल मैचों की सूची में ऊपर है। यह मेरा 69वां मैच है लेकिन मुझे नहीं लगता कि पहले किसी मैच में मेरी इतनी कठिन परीक्षा हुई है।”
लायन ने चटगांव की पिच के बारे में बात करते हुए कहा, “पिच काफी अच्छी थी, सच कहूं तो वहां ज्यादा स्पिन नहीं है। मैने चार सीधी गेंदे कराई और सभी पैड पर जाकर लगी। हालांकि गर्मी भी एक कारण है, इसलिए हमने प्री-सीजन कार्यक्रम शुरू किया है। आप अपने आप को मुश्किल स्थितियों में परखना चाहते हो और देखना चाहते हो कि आपकी क्या प्रतिक्रिया रहती है।” [ये भी पढ़ें: बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नाथन लायन ने बनाए 3 बड़े रिकॉर्ड]
लायन ने लगातार तीन टेस्ट मैचों में पांच विकेट हॉल लेकर शेन वार्न की बराबरी कर ली है। चटगांव और ढाका टेस्ट से पहले लायन ने भारत के दौरे पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि ये सब विश्वास पर निर्भर करता है। यह उपमहाद्वीप में मेरा छठां या सातवां दौरा है। इसलिए ऐसी जगह पर जहां मैं काफी क्रिकेट खेल चुका हूं मैं गेंदबाजी अटैक का नेतृत्व करना सही समझता हूं। मैने अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर खुद पर काफी दबाव डाला है। मैने श्रीवर्धन श्रीराम के साथ काफी काम किया है।” [ये भी पढ़ें: चटगांव टेस्ट: पहले दिन ऑस्ट्रेलिया पर हावी बांग्लादेश, स्कोर- 253/6]
लायन ने उपमहाद्वीप पर गेंदबाजी करने का तरीका भी बताया। उन्होंने कहा, “यहां कि पिच पर आपको केवल अपने आपको स्थिति के हिसाब से ढालना और अपना घमंड भूलना जरूरी होता। ऑस्ट्रेलिया उपमहाद्वीप में ज्यादा काम नहीं करती है। मैं ये भी कहना चाहूंगा कि ये मेरी ताकत भी है, इसलिए मैं इससे दूर नहीं जा सकता। मैं अपना गुरूर छोड़कर विश्वास के साथ गेंदबाजी करता हूं, जिसे मेरे हिसाब से मैं ‘गंदी गेंदबाजी’ कहूंगा।” लायन का कहना है कि उन्होंने उपमहाद्वीप में क्रिकेट खेलकर बहुत कुछ सीखा है। साथ ही लगातार आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार हैं।