© Getty Images (Representational Image)
© Getty Images (Representational Image)

हाल ही में इंग्लैंड के दो गांवों की टीमों के बीच खेले गए मैच में कमाल हो गया। दरअसल टीम ने आखिरी ओवर में 40 रन बनाकर मैच जीत लिया जिसे देखकर हर कोई भौंचक्का रह गया। यह क्रिकेट इतिहास में सबसे अजीबोगरीब जीत है। जाहिर है कि इस जीत पर बहुत से लोगों को खुली आंखों से यकीन नहीं होगा। लेकिन ये सब कैसे हुआ आइए आपको बताते हैं।

इंग्लैंड के दो गांवों डॉरेस्टेर-ऑन-थेम्स और स्विनब्रुक के बीच मैच खेला गया। मेजबान स्विनब्रुक ने पहले बल्लेबाजी करने हुए 45 ओवरों में 240 का स्कोर बनाया और डॉरेस्टेर-ऑन-थेम्स को 241 रन बनाने का लक्ष्य दिया। जवाब में एक समय डॉरेस्टेर-ऑन-थेम्स ने 44 ओवरों में 206/7 का स्कोर बना लिया था। अब उन्हें मैच जीतने के लिए आखिरी 6 गेंदों में 35 रन बनाने थे। जो नामुमकिन लग रहा था। स्ट्राइक पर 54 साल के स्टीव मैकॉम्ब थे और गेंदबाजी कर रहे थे मिहाई क्यूकोस। पहली गेंद क्यूकोस ने नो बॉल फेंक दी और इस पर मैकॉम्ब ने छक्का जड़ दिया। दूसरी गेंद पर भी मैकॉम्ब ने छक्का मार दिया। इस तरह से एक वैध्य गेंद पर 13 रन बन चुके थे।

क्यूकोस ने अगली गेंद यॉर्कर डाल दी जिसमें मैकॉम्ब कोई रन नहीं बना सके। चौथी गेंद (तीसरी वैध्य गेंद) पर मैकॉम्ब ने फिर से चौका लगा दिया। लेकिन अगली गेंद फिर से क्यूकोस ने नो बॉल डाल दी जिसमें चौका चला गया। अगली दो गेंदों पर मैकॉम्ब ने दो छक्के मार दिए। इस तरह से स्कोर बराबर हो गया और एक गेंद आना बाकी थी। [ये भी पढ़ें: भारत बनाम श्रीलंका, पल्लेकेले टेस्ट, तीसरा दिन (लाइव ब्लॉग)]

ऐसे में एक रन बचाने के लिए स्विनब्रुक टीम ने फील्डर पास में लगा दिए लेकिन अंतिम गेंद पर मैकॉम्ब ने फिर से छक्का लगा दिया। ओवर में पांच छक्के लगाते हुए उन्होंने खुद का शतक पूरा किया और अपनी टीम को जितवा दिया। इस तरह से आखिरी ओवर से 40 रन बने। ओवर का विश्लेषण इस प्रकार रहा- नो बॉल छक्का, छक्का, डॉट, चौका, नो बॉल चौका, छक्का, छक्का, छक्का।