'सबूतों के अभाव में आईपीएल-2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच नहीं कर सका'

मुद्गल पैनल के सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मिश्रा शीर्ष भारतीय खिलाड़ी के एक सटोरिये के साथ संपर्क होने की जांच कर रहे थे।

Edited By : Cricket Country Staff |Nov 02, 2018, 05:44 PM IST

Published On Nov 02, 2018, 05:44 PM IST

Last UpdatedNov 02, 2018, 05:44 PM IST

IPL-Trophy © BCCI

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामाले की जांच करने वाली न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति के सदस्य पूर्व आईपीएस अधिकारी बीबी मिश्रा ने कहा कि वह खिलाड़ियों और सट्टेबाजों के बीच के कथित सांठगांठ को ‘सबूतों के अभाव’ में जांच पूरा नहीं कर सके।

मुद्गल पैनल के सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मिश्रा शीर्ष भारतीय खिलाड़ी के एक सटोरिये के साथ संपर्क होने की जांच कर रहे थे।

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मिश्रा ने शुक्रवार को कहा, ‘हां, मुझे ऐसे मामले की बारे में जानकारी मिली थी जिसमें शीर्ष भारतीय खिलाड़ी सट्टेबाज से संपर्क में था। मेरे पास हालांकि ज्यादा सबूत नहीं थे।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि इस मामले की जांच में समय की बाध्यता नहीं थी। सर्वोच्च न्यायालय का रवैया भी काफी मदद करने वाला था। अगर हम और अधिक समय मांगते तो हमे और समय मिलता। लेकिन जिस सट्टेबाज पर सवाल उठ रहा था वह साक्ष्य का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। मेरे पास जांच रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।’

मिश्रा ने दावा किया कि जांच के समय वह सट्टेबाज के संपर्क में थे और सट्टेबाज ने सबूत मुहैया कराने का वादा भी किया था। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने उससे सबूत मांगा तो वह पीछे हट गया। उसने कहा कि इस मामले में कई खतरनाक लोग जुड़े हुए हैं जिससे उसकी जान को खतरा है। उसने सबूत मुहैया कराने से मना कर दिया जिसके बाद मुझे जांच बंद करना पड़ा।’

मिश्रा से पूछा गया कि क्या उन्होंने आरोपी खिलाड़ी से बात की या सट्टेबाज से खुद जाकर मिले तो इस सवाल को टाल गए।

मिश्रा ने कहा कि इस मामले में उन नौ खिलाड़ियों के होने का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए जो मुद्गल समिति ने सर्वोच्च न्यायालय को सीलबंद लिफाफे में सौंंपा है।

उन्होंने कहा कि वह इस मामले की जानकारी बीसीसीआई भ्रष्टाचार रोधी इकाई के प्रमुख अजीत सिंह से साझा करेंगे, जो उनके संपर्क में है।

मिश्रा ने कहा, ‘अजीत सिंह भारतीय पुलिस सेवा में मेरे वरिष्ठ अधिकारी रहे है। जब यह रिपोर्ट सामने आई तो उन्होंने मुझ से संपर्क किया था। मैंने उन्हें कहा कि मैं दिल्ली से भुवनेश्वर स्थानांतरित हो रहा हूं, मुझे थोड़ा समय चाहिए। यहां आने के बाद मैंने उन्हें फोन किया तो वह दुबई में थे।’

(इनपुट-भाषा)

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