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बीसीसीआई ने कोविड प्रभावित घरेलू खिलाड़ियों के लिए मुआवजे का ऐलान किया, अगले सीजन के लिए मैच फीस बढ़ाई
बीसीसीई की शीर्ष परिषद ने सोमवार को हुई बैठक के बाद अगले सीजन के लिए घरेलू क्रिकेटरों की फीस बढ़ाने का ऐलान किया।
Published On Sep 21, 2021, 08:53 AM IST
Last UpdatedSep 21, 2021, 08:53 AM IST
बीसीसीआई (BCCI) ने सोमवार को कोविड की वजह से 2020-21 सीजन के मैच घटाए जाने की वजह से प्रभावित हुए घरेलू क्रिकेटरों को मुआवजे के तौर पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त मैच फीस देने का ऐलान किया। साथ ही आगामी 2021-22 सीजन के लिए शुल्क में बढ़ोतरी भी की।
कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल पहली बार रणजी ट्रॉफी का आयोजन नहीं हो पाया था जिससे कई भारतीय क्रिकेटरों को वित्तीय परेशानियों से जूझना पड़ा। इन खिलाड़ियों के लिये बीसीसीआई के मुआवजे का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
I am pleased to announce the hike in match fee for domestic cricketers.
Seniors – INR 60,000 (above 40 matches).
Under 23- INR 25,000
Under 19 – INR 20,000#BCCIApexCouncil
— Jay Shah (@JayShah) September 20, 2021
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने ट्वीट करके कहा, ‘‘जिन क्रिकेटरों ने 2019-20 के घरेलू क्रिकेट सीजन में हिस्सा लिया था उन्हें 2020-21 सीजन के लिए मुआवजे के तौर पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त मैच फीस दी जाएगी।’’
बाद में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी ट्वीट किया, ‘‘बहुत खुश हूं कि शीर्ष परिषद ने आज पुरुष और महिला खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़ाने को मंजूरी दी। घरेलू क्रिकेटर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सफलता में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।’’
इसका मतलब होगा कि जिन खिलाड़ियों ने पिछले सीजन में भाग लिया था और मुश्ताक अली टी20 और विजय हजारे ट्रॉफी में खेले थे उन्हें प्रति रणजी मैच की दर से 70,000 रुपये (1.40 लाख रुपये की आधी मैच फीस) का मुआवजा मिलेगा। मुआवजे देने और मैच फीस में बढ़ोतरी करने का फैसला सोमवार को बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की बैठक में किया गया।
जिन रणजी खिलाड़ियों ने 40 से अधिक मैच खेले हैं उनकी मैच फीस लगभग दोगुनी 60 हजार रुपये प्रतिदिन हो गयी है जिसका मतलब है कि खिलाड़ी एक मैच से दो लाख 40 हजार रुपये कमा सकते हैं। जिन खिलाड़ियों ने 21 से 40 मैच खेले हैं उन्हें प्रतिदिन 50 हजार रुपये जबकि इससे कम अनुभव रखने वाले क्रिकेटरों को प्रतिदिन 40 हजार रुपये मिलेंगे।
बीसीसीआई के इस कदम से अंडर-16 से लेकर सीनियर स्तर तक लगभग 2000 क्रिकेटरों को लाभ मिलेगा। अब सीनियर स्तर का घरेलू क्रिकेटर अगर पूरे सत्र में प्रथम श्रेणी, एकदिवसीय और टी20 मैचों में खेलता है तो वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का अनुबंध नहीं होने पर भी प्रत्येक सत्र में 20 लाख रुपये कमा सकता है।
शाह ने इसके साथ ही कहा कि घरेलू खिलाड़ियों को बढ़ी हुई मैच फीस का भुगतान किया जाएगा। घोषणा के अनुसार अंडर-23 और अंडर-19 क्रिकेटरों को क्रमश: 25,000 और 20,000 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। अंडर-16 में खिलाड़ियों को अब प्रतिदिन 3500 रुपये के बजाय 7000 रुपये मिलेंगे।
इससे पहले रणजी ट्राफी में अंतिम एकादश में जगह बनाने वाले खिलाड़ी को 35,000 रुपये प्रतिदिन मिलते थे। सैयद मुश्ताक अली ट्राफी के लिये बीसीसीआई प्रति मैच 17,500 रुपये भुगतान करता था।
बीसीसीआई ने इसके साथ ही महिला घरेलू क्रिकेटरों के लिये भी नये पारिश्रमिक की घोषणा की तथा वरिष्ठ खिलाड़ियों को अब प्रति मैच 12,500 रुपये के बजाय 20,000 रुपये मिलेंगे। अंडर-23 और अंडर-19 में खेलने वाली महिला खिलाड़ियों को अब 10,000 रुपये की बढ़ी हुई मैच फीस मिलेगी।
मैच फीस की वृद्धि एक कार्यसमिति की सिफारिश पर की गयी जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन, युद्धवीर सिंह, संतोष मेनन, जयदेव शाह, अविषेक डालमिया, रोहन जेटली और देवजीत सैकिया शामिल थे।