रणजी ट्रॉफी 2019-20 (Ranji Trophy 2019-20) टूर्नामेंट में गुरुवार को कर्नाटक (Karnataka) और बड़ौदा (Baroda) के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान एक कमेंटेटर के ऑन-एयर ये बयान देने के बाद कि ‘हर भारतीय को हिंदी आनी चाहिए क्योंकि ये हमारी मातृभाषा है’ सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।

दरअसल रणजी मैच के दौरान बड़ौदा टीम की दूसरी पारी के सातवें ओवर में कमेंट्री बॉक्स में मौजूद दोनों कमेंटेटर हिंदी भाषा को लेकर चर्चा करने लगे। कमेंटेटर राजिंदर अमरनाथ ने कहा, “मुझे ये बात अच्छी लगती है कि सुनील गावस्कर हिंदी में कमेंट्री करते हैं और उसी भाषा में अपने विचार रखते हैं। मुझे ये भी अच्छा लगता है कि वो डॉट गेंद को ‘बिंदी गेंद’ कहते हैं।”

जवाब में दूसरे कमेंटेटेर सुनील दोषी ने कहा, “हर भारतीय को हिंदी आनी चाहिए। ये हमारी मातृभाषा है। इससे बड़ी कोई भाषा नहीं है। वास्तव में, मैं उन लोगों को बहुत गुस्से से देखता हूं जो कहते हैं कि हम क्रिकेट खिलाड़ी हैं फिर भी हमें हिंदी में बात करनी चाहिए? आप भारत में रह रहे हैं तो आप स्पष्ट रूप से इसकी मातृभाषा बोलेंगे।

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इस बयान ने सोशल मीडिया पर पहले से ही चल रही बहस को और बढ़ावा दे दिया। फैंस ने इन कमेंटेटर्स के बयान की कड़ी आलोचना की। वहीं कुछ ने उन्हें ये याद दिलाया कि वो कर्नाटक और बड़ौदा के मैच में कमेंट्री कर रहे हैं और दोनों ही जगहों की मुख्य भाषा हिंदी नहीं है।