BCCI condoles sad demise of former captain Ajit Wadekar
Ajit Wadekar © Getty Images

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पूर्व भारतीय दिग्गज कप्तान और कोच अजीत वाडेकर के निधन पर शोक जताया। 15 अगस्त बुधवार को वाडेकर का मुंबई में निधन हो गया था। भारतीय टीम के पहले वनडे कप्तान वाडेकर की उम्र 77 साल थी।

अपनी आक्रामक बल्लेबाज से दुनियाभर में पहचान बनाने वाले वाडेकर की कप्तानी का लोहा सबने माना। भारत ने 1971 में पहली बार इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ वाडेकर की कप्तानी में ही सीरीज जीती थी। उनके ही नेतृत्व में 24 अगस्त 1971 को भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 4 विकेट से हराया था। यह इंग्लैंड की धरती पर भारत की पहली टेस्ट जीत थी।

इससे पहले 1968 में न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम के लिए पहले टेस्ट मैच में वाडेकर ने दोनों पारियों में (80 और 71) सबसे अधिक रन बनाए थे। इस मैच में भारत ने पांच विकेट से जीत हासिल की थी। इसके बाद वेलिंग्टन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में वाडेकर की ओर से खेली गई शानदार 143 रनों की पारी के दम पर भारत ने टेस्ट सीरीज में दूसरा मैच जीता था। वाडेकर की बदौलत भारत ने चौथे टेस्ट मैच में बाजी मारते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज 3-1 से अपने नाम की।

भारत सरकार ने वाडेकर को 1967 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था। इसके बाद 1972 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। बीसीसीआई ने उन्हें 2011 में सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा।

उनके निधन पर शोक जताते हुए बीसीसीआई के सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा, “उनके निधन ने एक बड़ा खालीपन छोड़ दिया है। पहले एक बल्लेबाज और उसके बाद एक कप्तान के रूप में उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊचाइंयों तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने एक कोच, प्रबंधक और चयनसमिति के चेयरमैन के रूप में क्रिकेट जगत में अपना योगदान जारी रखा।”

बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने कहा, “वाडेकर को हमेशा भारतीय क्रिकेट को पुन:जीवनदान देने वाले व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा। उस समय वेस्टइंडीज और इंग्लैंड बेहद मजबूत टीमें थीं और उन टीमों को हरा पाना असंभव था। वाडेकर के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट ने इस असंभव को संभव कर दिखाया। इस उपलब्धि के बाद से भारतीय क्रिकेट का विकास होता रहा।”