टीम इंडिया  © AFP
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आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन साल 2013 में इंग्लैंड में किया गया था और इसमें टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी। चार सालों के लंबे अंतराल के बाद इस टूर्नामेंट का आयोजन एक बार फिर से इंग्लैंड में किया जा रहा है जो 1 से 18 जून तक चलेगा। लेकिन इस बीच गत विजेता भारत के इस टूर्नामेंट में शामिल होने को लेकर संकट के बादल छा गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौजूदा समीकरण को देखते हुए टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी से अपना हाथ वापस ले सकती है और इस टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकती है।

इसका कारण आईसीसी और बीसीसीआई के बीच ‘बिग थ्री’ फॉर्मूले की बहस है। ये बहस पिछले कई महीनों से चल रही है और अब तक दोनों ही पक्ष किसी अंजाम तक नहीं पहुंचे हैं और अगर ऐसा ही रहा तो भारत इस बड़े टूर्नामेंट से अपना हाथ खींच सकता है और इस वजह से विश्व क्रिकेट को आमदनी में एक बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। बहरहाल, अभी चैपिंयस ट्रॉफी को शुरू होने में एक महीने का समय है इसलिए दोनों बोर्ड के अधिकारी चाहेंगे कि जितना जल्दी हो सके इस मामले को सुलझाया जाए। फुल स्कोरकार्ड: मुंबई इंडियंस बनाम किंग्स इलेवन पंजाब, स्कोरकार्ड पढ़ने के लिए क्लिक करें…

क्या है बिग थ्री मॉडल? बिग थ्री मॉडल के तहत अब तक बीसीसीआई को आईसीसी की कमाई का 20.4, ईसीबी को 4.4 और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को 2.7 प्रतिशत राजस्व मिलता था। इस नए मॉडल के अंतर्गत बीसीसीआई को राजस्व में करीब 900 करोड़ का घाटा उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा बीसीसीआई की आईसीसी में शक्तियों को भी कम करने का प्रावधान है। बीसीसीआई 27, 28 अप्रैल को दुबई में होने वाली बैठक में अपना पक्ष रखेगी। टीम इंडिया समेत दुनिया भर के कई जाने माने क्रिकेटर मौजूदा समय में आईपीएल खेलने में व्यस्त हैं। आईपीएल 21 मई को खत्म होगा। इसके 10 दिन बाद आईसीसी चैंपिंयंस ट्रॉफी खेली जाएगी।