BCCI ethics officer devises mechanism for complainants
BCCI LOGO

हाल के दिनों में कई बेकार की शिकायतों से परेशान बीसीसीआई के लोकपाल और नैतिक अधिकारी डी के जैन ने ऐसा तरीका निकाला है कि केवल उचित शिकायतों पर ही गौर किया जा सके।

पढ़ें: ‘मेरा काम केवल विश्व कप में चयन के लिए अपना पक्ष आगे रखना है’

बीसीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर इन नए दिशा-निर्देशों को अपलोड किया है। हाल में विभिन्न स्रोतों से काफी संख्या में ईमेल आए थे जिसमें क्रिकेटरों पर हितों के टकराव का आरोप लगाया गया था जिसमें महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण भी शामिल थे।

अब शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता के साथ ये क्रिकेटर भी 14 मई को जैन के समक्ष सुनवाई में पेश होंगे।

पढ़ें: फाइनल में चेन्नई के खिलाफ मुंबई का पलड़ा भारी

इसके दिशा-निर्देशों के अनुसार, ‘ऐसा देखा गया है कि बीते समय और मौजूदा समय के खिलाड़ियों, अधिकारियों, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों आदि के खिलाफ विभिन्न तरह के आरोपों वाले कई ई-मेल मिल रहे हैं।’

इसके मुताबिक, ‘इससे अक्‍सर वाजिफ शिकायतों की प्रक्रिया में देरी हो जाती है और अनजाने में ही नैतिक अधिकारी के कार्यालय द्वारा कई ई-मेल की अनदेखी हो जाती है। इसलिए एक सही प्रक्रिया बनाना निहायती जरूरी बन गया है ताकि केवल सही शिकायतें ही मिल सकें और अंत में बिना समय बर्बाद किए इन पर कार्रवाई शुरू हो सके।’